बुन्देलखण्ड में सिंचाई सुविधा बेहतर बनाने को खुदेंगे अधिकाधिक तालाब

लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के परती भूमि विकास एवं जल संसाधन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेन्द्र तिवारी ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई सुविधा को बेहतर बनाने के लिए अधिकाधिक तालाबों के निमा के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र की योजनाओं को भी प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने को कहा है।

तिवारी गुरुवार को राजधानी के गोमतीनगर स्थित भूमि सुधार निगम के सभागार में ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान जल संसाधन मंत्री ने कहा कि सरकार ने सिंचाई कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिससे किसानों को खेती के लिए सिंचाई की दिक्कत न हो।

उन्होंने काडम योजना के तहत कच्ची नाली, पक्की नाली, चकरोड का निर्माण तथा जल निकासी का बेहतर प्रबंध करने के निदेज़्श दिए हैं। तिवारी ने अधिकारियों से कहा कि स्वयं सहायता समूहों का अधिक से अधिक गठन कर उन्हें विभिन्न विकास योजनाओं के तहत प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाएं। किसानों को सिंचन आदि की सुविधाएं सुगमता से उपलबध हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि तालाबों एवं चेक डैमों के निर्माण कार्य को ससमय पूर्ण किया जाए। मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य मानक एवं गुणवत्ता के अनुरुप होना चाहिए।

विभिन्न जनपदों से आए भूमि संरक्षण अधिकारियों को मंत्री ने निर्देशित किया कि भूमि संरक्षण एवं सिंचन के कार्यों को प्राथमिकता से पूणज़् कराया जाए और अधिकारी सही रिपोर्ट दें। चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गलत रिपोर्टिंग बर्दास्त नहीं की जाएगी। विकास कार्यों की जांच विशेषज्ञों द्वारा कराई जाएगी और कार्य मानक अनुरुप न पाए जाने या कार्य में लापरवाही बरते जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई टी. वेंकटेश, विशेष सचिव सुरेन्द्र विक्रम सिंह, संयुक्त निदेशक वीके उपाध्याय एवं अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।

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