बुलंदशहर में साधुओं की हत्या पर गरमाई सियासत, उद्धव ने की सीएम योगी से बात

बुलंदशहर: बुलंदशहर के अनूपशहर कोतवाली में मंदिर परिसर में सो रहे दो साधुओं की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। इसे लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की। उन्होंने बुलंदशहर में दो साधुओं की हत्या पर चिंता जाहिर की। शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश में पुरोहितों की हत्या को महाराष्ट्र की पालघर घटना की तरह सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

उद्धव ने सीएम योगी से की बात राउत ने ट्वीट करके लिखा, ‘बुलंदशहर के मंदिर में दो साधु-संतों की हत्या मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने योगी आदित्यनाथ से फोन पर चर्चा की। उन्होंने साधुओं की हत्या को लेकर चिंता व्यक्त की। ऐसी अमानवीय घटना घटती है तब राजनीति न करके हमें एक साथ काम करते हुए अपराधियों को दंडित करवाना चाहिए।’ इससे पहले राउत ने घटना को लेकर कहा कि भयानक! बुलंदशहर, यूपी के एक मंदिर में दो साधुओं की हत्या, लेकिन मैं सभी से अपील करता हूं कि वे इसे सांप्रदायिक न बनाएं, जिस तरह से कुछ लोगों ने पालघर मामले में करने की कोशिश की। पालघर मामले पर योगी ने की थी उद्धव से बातचीत

इससे पहले, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पालघर की घटना को लेकर उद्धव ठाकरे से बातचीत के बाद ट्वीट में लिखा था, ‘पालघर, महाराष्ट्र में हुई जूना अखाड़ा के संतों स्वामी कल्पवृक्ष गिरि जी, स्वामी सुशील गिरि जी व उनके ड्राइवर नीलेश तेलगड़े जी की हत्या के संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात की और घटना के जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हेतु आग्रह किया।’

मुख्यमंत्री ने दिए आवश्यक कार्रवाई के आदेश

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर की घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। वहीं, विपक्ष ने मामले की गहराई से जांच करने और इसका राजनीतिकरण न करने की मांग की है।

विपक्ष ने कहा- गहराई से हो जांच
सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा ‘बुलंदशहर में मंदिर परिसर में दो साधुओं की नृशंस हत्या अति निंदनीय व दुखद है। इस प्रकार की हत्याओं का राजनीतिकरण न करके, इनके पीछे की हिंसक मनोवृत्ति के मूल कारण या आपराधिक कारण की गहरी तलाश करने की आवश्यकता होती है। इसी आधार पर समय रहते न्यायोचित कार्रवाई करनी चाहिए।’

इस बीच, कांग्रेस महासचिव और पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बुलंदशहर की घटना की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘अप्रैल के पहले 15 दिनों में ही उत्तर प्रदेश में 100 लोगों की हत्या हो गई। तीन दिन पहले एटा में पचौरी परिवार के पांच लोगों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए। कोई नहीं जानता उनके साथ क्या हुआ। आज बुलंदशहर में एक मंदिर में सो रहे दो साधुओं को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया।’ प्रियंका ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों की गहराई से जांच होनी चाहिए और इस समय किसी को भी इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। निष्पक्ष जांच करके पूरा सच प्रदेश के समक्ष लाना चाहिए। यह सरकार की जिम्मेदारी है।

मंदिर में दो साधुओं की हत्या
बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अनूप शहर थाना क्षेत्र स्थित फगौना गांव में एक शिव मंदिर में जगदीश (50) और शेर सिंह (52) नामक साधुओं की हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि गांव का ही रहने वाला मुरारी नामक युवक अक्सर मंदिर आता था। वह नशे का आदी था और करीब दो दिन पहले उसने इन साधुओं का चिमटा चुरा लिया था। मंगलवार तड़के इसी बात को लेकर उनका मुरारी के साथ झगड़ा हुआ था। सिंह ने बताया कि मुरारी ने दोनों साधुओं की डंडे से प्रहार कर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक ग्रामीणों की मदद से पकड़े गए हत्यारोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि 27-28 अप्रैल की दरम्यानी रात को वह भांग खाकर मंदिर गया और वहां सो रहे दोनों साधुओं के सिर पर लाठी से वार करके उन्हें मार डाला। हत्या की वजह के बारे में पूछे जाने पर मुरारी ने बताया कि उसकी साधुओं से कोई रंजिश नहीं थी।

अमर उजाला से साभार

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