बुलंदशहर हिंसा : चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी योगेश राज फरार

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के स्याना तहसील के गांव महाव में सोमवार सुबह गोवंश अवशेष मिलने पर पुलिस, हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों के बीच टकराव में उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर सहित एक युवक की मौत हो गयी थी। इस मामले में आधिकारि जानकारी में बताया गया है कि अभी तक 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि चार अन्य लोगों से पूछताछ चल रही है।

हालांकि मीडिया के कई धरे में खबर यह चल रही है कि बजरंग दल के जिला संयोजक को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन मीडिया के सामने आकर एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार ने इस खबर का खंडन किया है। उन्होंने किसी बजरंग दल के कार्यकत्र्ता को गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि योगेश राज की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस से मिली खबर में बताया गया है कि इस मामले में एक एसआईटी का गठन भी किया गया है जो ये जांच करेगी कि हिंसा क्यों हुई और क्यों पुलिसकर्मियों ने मृत इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को अकेला छोड़ दिया था। एफआईआर में कई हिंदू संगठन जैसे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के नाम आरोपियों में शामिल बताया जा रहा है।

इधर शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की बहन ने इकलाख हत्याकांड को भाई की हत्या की वजह बताया है। उन्होंने कहा मेरा भाई इकलाख केस की जांच कर रहा था और इसी वजह से उसकी हत्या हुई, यह पुलिस द्वारा रचा गया षड्यंत्र है। उन्हें शहीद का दर्जा देना चाहिए और उनकी याद में एक स्मारक बनना चाहिए। हमें पैसे नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री सिर्फ गाय गाय गाय कहते रहते हैं। वहीं यूपी सरकार की तरफ से इस बारे में पहली बार बयान आया है। इंटरव्यू में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि हिंसा में हिंदू संगठनों का नाम लेना जल्दबाजी होगी। बुलंदशहर हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि अगर ये पशु वध है तब तो पुलिस को ये भी जांच करनी चाहिए वहां पशुओं के अवशेष कौन लेकर आया क्योंकि जिस इलाके में हिंसा हुई वहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग नहीं रहते हैं।

आज सुबह पुलिस लाइन में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को श्रद्धांजलि दी गई। इंस्पेक्टर के बेटे अभिषेक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मेरे पिता चाहते थे कि मैं एक अच्छा नागरिक बनूं जो समाज में धर्म के नाम पर हिंसा नहीं फैलाता। आज मेरे पिता ने हिंदू-मुस्लिम के नाम पर अपनी जान गंवा दी अब कल किसके पिता अपनी जान गंवाएंगे? एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार ने सोमवार शाम बताया कि समस्या तब खड़ी हुई जबह सुबह कुछ ग्रामीणों को महाव गांव के बाहर बड़ी तादाद में गोवंश के अवशेष मिले। सूचना मिलने पर पहुंचे हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों ने अवशेषों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर स्याना-बुलंदशहर हाईवे पर चिंगरावठी चौकी के पास जाम लगा दिया।

प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। बुलंदशहर के डीएम अनुज कुमार झा, एसडीएम अविनाश कुमार मौर्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बहुत समझाने की कोशिश की। आपको बता दें कि मृतक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार एटा के रहने वाले थे। मेरठ के पल्लवपुरम में भी मृतक इंस्पेक्टर का घर है। इंस्पेक्टर सुबोध सिंह राठौर उम्र (47) गांव तरगवा, थाना जैतरा जिला एटा के रहने वाले थे। मेरठ के मोदीपुरम स्थित मकान को बेचकर कई माह पहले परिवार नोएडा सेक्टर 42 में शिफ्ट हुआ था। मृत इंस्पेक्टर के दो बेटे हैं।।

बवाल को देखते हुए बुलंदशहर में इज्तिमा से लौट रहे हजारों वाहनों को देखते हुए हापुड़ रोड पर फोर्स लगाई गई है। एसपी देहात राजेश कुमार फोर्स के साथ हापुड़ रोड पर तैनात हैं। आनंद कुमार के मुताबिक, जब पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने जमकर उपद्रव किया। घटना में चिंगरावठी का ग्रामीण सुमित गोली लगने से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद हायर सेंटर ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।

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बकौल एडीजी पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए हवा में फायरिंग की थी। इस पर ग्रामीणों ने तमंचों से गोलियां चलाईं, जिसमें सुबोध कुमार शहीद हो गए। घटना की सूचना पर एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार और आइजी रामकुमार भी मौके पर पहुंचे। एडीजी कानून-व्यवस्था ने बताया कि घटना में स्याना के सीओ सत्यप्रकाश शर्मा, खानपुर एसओ, चार सिपाही और एक होमगाडज़् भी घायल हो गया। ये पुलिसकमीज़् फोसज़् आने का इंतजार कर रहे थे। भीड़ गन्ने के खेत में छिपकर पथराव कर रही थी।

घटना में गंभीर घायल कोतवाल सुबोध कुमार सिंह को औरंगाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भतीज़् कराया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। देर शाम आई पोस्टमाटज़्म रिपोटज़् के मुताबिक, उनकी मौत बायीं आंख में गोली लगने से हुई। मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर की घटना के दिवंगत पुलिस इंस्पेक्टर की पत्नी को 40 लाख रुपये और माता-पिता को 10 लाख रुपये की आथिज़्क सहायता देने का एलान किया है। साथ ही दिवंगत इंस्पेक्टर के आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की है।

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