बैलगाड़ी पर मोहल्ला क्लास लगाकर ग्रामीण बच्चों को पढ़ा रही है ये टीचर

यह बात तो सबको मालूम ही है की साल 2020 से अभी तक कोरोनावायरस की महामारी चल रही है जिसकी वजह से इसका सबसे ज़्यदा प्रभाव बच्चो की पढाई पर पड़ रहा है बच्चो की स्कूल भी बंद हो चुकी है जिसकी वजह से बच्चे ऑनलाइन घर पर ही पढाई कर रहे है मगर आज हम आपको टीचर के बारें में बतने जा रहे है जो की मध्य प्रदेश के रहना वाला एक टीचर जिन्होंने बच्चो का भविष्य के लिया बहुत अच्छा काम किया है जिसकी वजह से सोशल मेडी पर लोग उनकी बहुत तारीफ कर रहे है

आपको बता दे की इस टीचर का नाम कमला है उन्होंने एक बैलगाड़ी को लाइब्रेरी बना दी है और अब वो घर घर पर जाकर बच्चो की किताबे दे रहे है जिसकी वजह से बच्चो को पढाई करने में भी बहुत मदद मिल रही है दरसल वो ग्रामीण इलाको में बच्चो को किताबे दे रहे है उनकी लाइब्रेरी के पीछे बच्चे भागते हैं. उन्होंने यह लाइब्रेरी सिर्फ दो दिन के लिए खोली थी मगर लोगो ने उनको बहुत प्यार दिया था

कमला टीचर की कहानी यह थी की बच्चो को देने के लिए स्कूल से किताब दी गई थी मगर बच्चो तक किताबो को पोछने के लिए कोई साधन नहीं था और वो रामजी ढाना नामक गांव में 87 बच्चे पढ़ते थे, स्कूल वालो के पास में कोई गाड़ी तक नहीं थी टीचर ने हमको यह बतया था की हमारी स्कूल में सिर्फ 2 टीचर ही थे वो अकेला ही ड्यूटी पर था क्यों की जो दूसरा टीचर था उसको कोरोना हो गया था फिर उस टीचर ने बैलगाड़ी पर लाइब्रेरी लगा ली थी उन्होंने उस बैलगाड़ी का करिया 50 रुपये देते थे वो उन्होंने सिर्फ लाइब्रेरी ही नहीं लगाई है और वो मोहल्ला में क्लास भी लगते है वो मोहल्ला में जाकर चम्मच बजाते हैं और सब बच्चे आ जाते है आज के वक़्त में ऐसा इन्शान बहुत काम ही देखने को मिलते है

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