ब्रिटेन में कोरोना वायरस को लेकर नया Test Kit तैयार, मात्र 20 मिनट में पता चल जाएगा निगेटिव या पॉजिटिव

नई दिल्ली. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ( coronavirus Update) से निपटने के लिए लगाया गया लॉकडाउन ( Lockdown 4.0 ) जारी है, लेकिन संक्रमण (Coronavirus Outbreak) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ( Union Ministry of Health and Family Welfare ) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में कोरोना संक्रमितों (Corona infected in India) की संख्या बढ़कर 1,18,447 हो गई है। जिसमें से 66, 330 सक्रिय मामले हैं, 48,534 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 3,583 लोगों (Death due to Coronavurus ) की मौत हो चुकी है।

इस बीच कोरोना वायरस ( Coronavirus News ) को लेकर कई रिसर्च हुए हैं और अब भी कई जारी हैं, मगर अब तक इसके इलाज के लिए कोई भी नतीजा सामने नहीं आया है। अगर कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के संक्रमण को कम करना है, तो इसके लिए ज़्यादा से ज़्यादा जांच करना ज़रूरी है। इसी से पता चलेगा कि अभी तक कितने लोग संक्रमित हैं। कितने लोगों पर वायरस अपनी मज़बूत पकड़ बना चुका है। कितने लोगों को अलग रखना है। एेसे में ब्रिटेन (Britain) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर एक नया टेस्ट किट (test kit) बनाया है। ब्रिटेन का दावा है कि इस नए टेस्ट किट से सिर्फ 20 मिनट में नतीजे सामने आएंगे और ऑन स्पॉट संक्रमित (On Spot Infected) व्यक्ति की पहचान हो पाएगी। इस टेस्ट के बारे में जानकारी यूके के स्वास्थ्यमंत्री मैट हैनकॉक ने दी है।

20 मिनट के अंदर होगा नतीजा

अंग्रेजी अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक हेल्थ सेक्रेटरी मैट हैनकॉक ( Health Secretary Matt Hancock ) ने कहा है कि आमतौर पर स्वैब टेस्ट (Swab test) में संक्रमण की जांच आज की जाती है और संक्रमण को पकड़ने में हफ्तों का वक्त लग जाता है। अब ऐसा नहीं होगा। अब जांच का नतीजा 20 मिनट के अंदर ही देखने को मिलेगा।

जरूरतमंदों को फ्री में उपलब्ध

इस बात की जानकारी उस वक्त दी गई, जब ब्रिटेन की सरकार ने घोषणा की कि एनएचएस वर्कर्स को सबसे पहले एंटी बॉडी टेस्ट करवाया जाएगा।अगले हफ्ते से ये टेस्ट शुरू हो जाएंगे। ब्रिटेन की सरकार ने इस बारे में टेस्ट किट बनाने वाली रॉश कंपनी से बात की है। इस टेस्ट किट को जरूरतमंदों को फ्री में उपलब्ध करवाय जाएगा।

इन बातों की भी होगी जानकारी

एंटीबॉडी टेस्ट से ये पता चल पाएगा कि क्या कोई इंसान पहले कोरोना वायरस के संक्रमण में आया है या नहीं। इससे ये भी पता चल पाएगा कि संक्रमण के बाद क्या उसमें एंटीबॉडी डेवलप हुई है। जबकि स्वैब टेस्ट से इस बात का पता चलता है कि वर्तमान में मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित है या नहीं।अगर वो संक्रमित है तो क्या उसे सेल्फ आइसोलेट होने की जरूरत है।

क्लिनिकल ट्रायल रहा सफल

इस टेस्ट को लैब में करने की जरूरत नहीं है. इससे सिर्फ 20 मिनट में ही नतीजे सामने आ सकते हैं।इससे संक्रमण का पता चलते ही उसी वक्त संक्रमित व्यक्ति को आइसोलेट किया जा सकता है । या फिर संक्रमणमुक्त पाए जाने पर वो आराम से जहां चाहे जा सकता है। क्लिनिकल ट्रायल में ये टेस्ट सफल रहा है। अब इस टेस्ट के ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर करने की तैयारी चल रही है।

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