ब्रेकफास्ट नहीं करने से बढ जाता है डायबीटीज का खतरा

नई दिल्ली: सुबह का ब्रेकफास्ट न करने से न सिर्फ आपको टाइप 2 डायबीटीज होने का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है बल्कि जो लोग पहले से ही मोटापे का शिकार हैं उनमें तो इसका खतरा और भी ज्यादा होता है। एक नई रिसर्च में इस बात की जानकारी दी गई है। वैसे लोग जो सुबह की पहली मील यानी ब्रेकफास्ट नहीं करते उनमें टाइप 2 डायबीटीज होने का खतरा 33 प्रतिशत अधिक होता है। इतना ही नहीं वैसे लोग जो सप्ताह में 4 दिन ब्रेकफास्ट नहीं करते उनमें तो डायबीटीज होने का खतरा 55 प्रतिशत अधिक होता है। इस स्टडी में करीब 1 लाख लोगों के डेटा की जांच करने के बाद यह नतीजे सामने आए।

एक्सपर्ट्स की मानें तो सुबह का ब्रेकफस्ट न करने की वजह से शरीर में इन्सुलिन का रेसिस्टेंस बढ़ जाता है जिससे मेटाबॉलिक सिस्टम पर दबाव बढ़ने लगता है और यह डायबीटीज होने की तरफ आपका पहला कदम है। यह तो बात हुई डायबीटीज की लेकिन वैसे लोग जो वजन कम करने के लिए ब्रेकफास्ट नहीं करते वे पूरी तरह से गलत होते हैं क्योंकि सुबह का नाश्ता न करने की वजह से वे दिन में ज्यादा स्नैकिंग कर लेते हैं जिस वजह से वजन कम होने की बजाए बढ़ने लगता है।एक डेटा के मुताबिक दुनियाभर के 30 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो ब्रेकफास्ट नहीं करते।

एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत में ब्रेकफास्ट न करना शहरी कल्चर का हिस्सा बनता जा रहा है और वह भी खासतौर पर युवाओं के बीच। बुजुर्गों में यह ट्रेंड देखने को नहीं मिलता। इसकी मुख्य वजह यह है कि काम से जुड़े स्ट्रेस और ऑफिस तक पहुंचने में लगने वाले समय की वजह ज्यादातर लोग या तो ब्रेकफास्ट स्किप कर देते हैं या फिर बहुत थोड़ा सा खाते हैं। डॉक्टरों की मानें तो डाइनिंग टेबल पर बैठकर हेल्दी और होलसम ब्रेकफास्ट करना बेहद जरूरी है क्योंकि बैलेंस्ड डायट के जरिए ही शरीर में शुगर के लेवल को कंट्रोल में रखा जा सकता है।

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