बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए रेलवे लेघा ड्रोन का सहारा

नई दिल्ली: रेलमंत्री पीयूष गोयल ने यात्री संरक्षा, ट्रेन परिचालन, निर्माण कार्यो की निगरानी, स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन आदि चुनौती से निपटने के लिए ड्रोन की मदद लेने का फैसला किया है। पश्चिम मध्य रेलवे में ड्रोन का प्रयोग शुरू कर दिया गया है। इससे चरणबद्ध तरीके से देश के अन्य हिस्सों में लागू किया जाएगा।

रेल मंत्रलय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पश्चिम मध्य रेलवे ने ड्रोन की खरीद की है। जोनल रेलवे के जबलपुर, भोपाल, कोटा डिविजन में इस हफ्ते से नई रेल लाइन, पुल निर्माण, विद्युतीकरण, मरम्मत कार्य आदि की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। अधिकारी ने बताया कि ड्रोन की मदद से 200 मीटर की ऊंचाई और चार किलोमीटर दूर तक नजर रखना संभव है।

इसलिए भीड़ भाड़ वाले स्टेशनों पर प्रबंधन व ट्रेन परिचालन में भी इसकी मदद ली जाएगी।अधिकारी ने बताया कि सुदूर स्थलों पर चल रहे निर्माण कार्य की निगरानी करना रेलवे के लिए सबसे मुश्किल कार्य है। लेकिन ड्रोन की मदद से यह आसान हो जाएगा। इसके अलावा ट्रेन हादसे में ड्रोन यात्रियों की त्वरित मदद करने का कारगार उपाय साबित होगा।

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