भाईदूज के दिन जयपुर में कट्टे में मिला नवजात, नोच रहे थे कुत्ते, हॉस्पिटल में दम तोड़ा

जयपुर: राजस्थान के जयपुर शहर से एक बार फिर शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, भाईदूज के दिन मानवता तब शर्मसार हो गई, जब एक नवजात बच्चा कट्टे में बंद हुआ गली में पड़ा मिला। उस नवजात बच्चे को गली के कुत्ते नोच रहे थे। बच्चे की ना तो नली कटी हुई थी और ना ही शरीर पर से खून साफ किया गया था। भाईदूज के दिन रिश्तों का ऐसा मजाक, वाकई हैरान कर देने वाला है।

बता दें, यह बच्चा रोहित भारद्वाज और उनके चचेरे भाई को उनियारों के रास्ते और गोधों के रास्ते के बीच गली में कंट्टे में बंद हुआ मिला। जब रोहित और उनका भाई गली से जा रहे थे, तो उन्होंने देखा कि कुत्ते एक कट्टे को नोच रहे हैं। इस कट्टे में से बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। दोनों भागकर कट्टे के पास पहुंचे और उन्होंने कुत्तों को वहां से भगाया। फिर जब बंद हुआ कट्टा खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने देखा कि एक नवजात बच्चे कट्टे में बंद था, बच्चा जोर-जोर से रो रहा था।

उसकी नाल लटकी हुई थी, यहां तक कि उसका खून भी नहीं पौंछा गया था। जिसके बाद रोहित और उसके भाई ने चिल्लाकर लोगों को बुलाया। लोग बच्चे को गणगौरी अस्पताल ले गए, वहां से बच्चे को जेके लोन हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहीं, जब बच्चे को जेके लोन अस्पताल लेकर गए, तो वहां पर उसकी मौत हो गई। इस बात की सूचना लोगों ने पुलिस को दी। बता दें, बच्चे के सिर पर कुत्तों ने नोंच खाया था।

बता दें, जेके लोन अधीक्षक डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि रात 9:30 बजे बच्चे को इमरजेंसी में लाया गया था। सिर पर नोंचने के निशान थे। काफी खून बह चुका था। सांस कम थी। शरीर नीला पड़ गया था। बच्चे की नाल के साथ प्लेसेंटा लगा हुआ था।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper