‘भाजपा के विकास से घबराए मुलायम, मायावती को लाना पड़ा मैनपुरी’

कानपुर: केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने पांच साल तक सबका साथ सबका विकास नीति पर हर वर्ग का ख्याल रखा। जिससे देश में पिछली सरकारों की अपेक्षा विकास की गति बहुत तेज हुई। इसी विकास की गति से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी डर गये। जिसके चलते उन्हें अपनी परंपरागत सीट पर बसपा सुप्रीमो मायावती को मंच पर लाना पड़ा। यह बातें मंगलवार को कानपुर में खास बातचीत में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कही।

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत कानपुर जनपद की दोनों लोकसभा सीटों में 29 अप्रैल को मतदान होना है। मंगलवार को कानपुर जनपद की अकबरपुर लोकसभा सीट में चुनाव प्रचार को आये भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पार्टी उम्मीदवार व सिटिंग सांसद देवेन्द्र सिंह भोले के समर्थन में कई जगहों पर जनसभाएं की। इस सीट पर ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या निर्णायक है और अबकी बार किसी भी बड़े राजनीतिक दल से ब्राह्मण उम्मीदवार भी नहीं है। जिसके चलते पार्टी ने जमीनी नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी को जिम्मेदारी सौंपी हैं।

चुनाव कार्यालय पर खास बातचीत में उन्होंने दावा किया कि अबकी बार उत्तर प्रदेश में एनडीए 74 सीट जीतने जा रहा है। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यों से जनता के मन में पूरी तरह से मोदी सरकार बैठ चुकी है। इसी को देखते हुए सपा और बसपा जो कभी एक दूसरे को गाली देते थे वह एक हो गये। गठबंधन पूरी तरह से भाजपा के विकास से डरा हुआ है और इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि मुलायम सिंह यादव जैसे नेता को अपनी परंपरागत सीट बचाने के लिए मायावती को मैनपुरी के मंच पर लाना पड़ा। इससे साफ जाहिर होता है कि गठबंधन को खुद जीत का आत्मविश्वास नहीं है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में माफीनामा पर सवाल किया गया तो कहा कि जो व्यक्ति बराबर झूठ बोलेगा तो एक न दिन फंसेगा ही। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर उंगली उठाई यहां तक तो ठीक था पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को आधार बनाया तो माफी मांगनी ही पड़ेगी। इसको अगर एक शब्द में कहें तो राहुल ने चांद पर थूका है और उन्ही के ऊपर वह थूक जा गिरा। जब उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी वाड्रा के सक्रिय होने पर सवाल किया गया तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रियंका में ऐसी कौन सी खूबी है जिसे जनता उन्हें स्वीकार करेगी। कांग्रेस द्वारा सिर्फ यह प्रसारित किया जा रहा है वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जैसी दिखती है। कोई भी किसी के तरह दिखे उसका यह मतलब नहीं होता कि उसके कर्म और योग्यता उसके जैसी हो सकती है।

प्रियंका को लोग सिर्फ लोग देखने आते हैं क्योंकि वह गांधी परिवार से हैं। जो भी भीड़ उनके रोड शो में आती है वह जरुरी नहीं है कि मतदान में तब्दील हो जाएगी। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का कोई वजूद नहीं है अगर होता तो सपा बसपा इन्हे गठबंधन से अलग न कर देती।

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