भाजपा के शासन में महिलाएं सुरक्षित नही: सुष्मिता देव

लखनऊ ब्यूरो। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव, सांसद ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि उत्तर प्रदेश में जब विधानसभा चुनाव हो रहा था उस समय भाजपा ने बेहतर कानून व्यवस्था एवं सुशासन को बड़ा मुद्दा बनाया और उ.प्र. की जनता से वादा किया था कि भाजपा सत्ता में आयेगी तो महिलाएं सुरक्षित रहेंगी। इसके साथ ही पिछली सरकारों सपा, बसपा के बारे में अपने प्रचारों को कानून व्यवस्था पर केन्द्रित रखा और प्रदेश के लोगों से परिवर्तन लाने की मांग की।

सुष्मिता देव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह उपवास पर बैठे हैं कहते हैं कि लोकसभा न चलने देने के विरोध में उपवास पर हैं हम उनसे पूछना चाहते हैं कि आप देश सही चला रहे हैं क्या? आज उ.प्र. की क्या हालत है? प्रधानमंत्री जी खुद इसी प्रदेश से सांसद हैं। उन्होने कहा था कि गंगा मां ने उन्हें बुलाया है। चाहे वाराणसी हो, उन्नाव की घटना हो, प्रधानमंत्री जी प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा को लेकर चुप हैं। उन्नाव की घटना को लेकर वह क्यों उपवास पर नहीं बैठे? प्रधानमंत्री ने 2014 के लोकसभा चुनाव में नारा दिया था बहुत हुआ महिलाओं पर अत्याचार-अबकी बार मोदी सरकार। आज वह नारा भी जुमला साबित हुआ है।

सुष्मिता देव ने उन्नाव की घटना पर कहा कि एक एफआईआर दर्ज कराने में 9 माह क्यों लगा? जब पीडि़ता के पिता को जेल भेजा गया उसके बाद उसकी मौत कैसे हो गयी? पीडि़ता एक राजनैतिक राजनेता का नाम बार-बार ले रही थी तो एफआईआर में उसका नाम क्यों नहीं? एसआईटी जांच बैठायी गयी और उसकी रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज हुई। उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया है जिसको देखकर आदित्यनाथ सरकार ने जल्दबाजी में निर्णय लेकर सीबीआई जांच की संस्तुति करके फेसशेविंग करने का प्रयास किया है।

सुष्मिता देव ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मांग की कि उ.प्र. के मुख्यमंत्री को तुरन्त पद से हटायें। उन्नाव की घटना में रेप के आरोपित भाजपा विधायक को भाजपा से निकालें। उन्होने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा आज अपने एक विधायक को बचाने के लिए जितनी मेहनत कर रही है यदि बेटियों को बचाने के लिए करती तो उन्नाव जैसे तमाम केस उ0प्र0 में और देश में नहीं होते। आदित्यनाथ जी ने महिलाओं के आज के आन्देालन को रोकने के लिए जितनी बड़ी संख्या में पुलिस का इस्तेमाल किया है यदि इसका उपयोग बेटियों को बचाने में किया जाता तो बेटियों के साथ बलात्कार जैसी घटनाएं न होतीं।

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