भाजपा में तेज हुई जिलों के नाम बदलने की मांग

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने व फैजाबाद का नाम अयोध्या किये जाने के एलान के बाद भाजपा में ही दूसरे जिलों का नाम या फिर स्थान बदलने की मांग तेज हो गयी है। मेरठ के सरधना से पार्टी विधायक संगीत सोम ने तो मुजफ्फरनगर जिले का नाम बदलकर लक्ष्मीनगर करने को सुर बुलंद किया है। उन्होंने कहा कि हिन्दू संस्कृति को हमेशा दबाने की कोशिश की गयी और जिलों के नाम मुगलों से जोड़कर रखे गये हैं।

अब समय आ गया है कि देश अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूती से आगे बढ़ाये। इस फेहरिस्त में सोम अकेले नेता हैं। भाजपा सांसद बृजभूषण शरण ने तो गोण्डा रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी के नाम करने की मांग उन्होंने रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से की है। भाजपा सरकार में पहले भी चंदौली जिले के मुगलसराय रेलवे जंक्शन का नाम बदलकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम से किया गया है।

नाम बदलने की मांग में अलीगढ़ भी शामिल हो गया है। अलीगढ़ को हरिनगर व आजमगढ़ को आर्यमगढ़ करने के पक्ष में पार्टी के नेता अपने तर्क देने लगे हैं। नाम बदलने की इस मुहिम को सोशल मीडिया पर गोरखपुर को गोरक्षनाथ के नाम करने की मांग तेज हो गयी है। सूत्रों का कहना है कि अभी कुछ जिलों के नाम बदले जा सकते हैं, लेकिन इसमें सरकार जल्दबाजी नहीं करने वाली है।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मार्कण्डेय काटजू तो नाम बदलने को लेकर योगी सरकार पर कड़ा रुख भी दिखा चुके हैं। विपक्ष भी इस पर ध्यान भटकाने की बात करके सरकार पर आक्रामक रहता है, लेकिन योगी सरकार के आने के बाद अब तक कई नाम बदले जा चुके हैं। सभी का समर्थन भाजपा ने पुरजोर तरीके से किया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी ने कहा कि पूर्व की अखिलेश सरकार में तो आठ जिलों के नाम बदले गये थे। योगी सरकार ने तो सिर्फ हिन्दू अस्मिता से जुड़े जिलों के नामों के पुराने नामों को बहाल कर रही है, इसमें ऐतराज नहीं गर्व की अनुभूति होनी चाहिए।

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