भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना लंकिनी से की

बलिया: भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के बलिया से विधायक सुरेंद्र सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर शुक्रवार को विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने ममता बनर्जी की तुलना लंकिनी से की है।विधायक सुरेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में ममता की तुलना लंका की लंकिनी से की है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी को राम व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हनुमान की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान ममता ने जो संस्कार प्रस्तुत किए, उससे स्पष्ट है कि उनका व्यवहार मर्यादित व संस्कारिक नहीं था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी राम के रूप में तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हनुमान के रूप में रावणी संस्कृति का नाश करेंगे। सुरेंद्र सिंह ने कहा, “इंसान के रूप में ममता बनर्जी बेकार हैं। लंका में लंकिनी ने हनुमान जी को रोका था। उसी तरह ममता बनर्जी ने मोदी-योगी जैसे राम और हनुमान को पश्चिम बंगाल में रोका था। योगी जैसे हनुमान को रोकने की क्षमता नहीं है किसी में, अब लंकिनी का नाश होगा और वहां (पश्चिम बंगाल में) विभीषण का राज होगा। बंगाल में भाजपा ममता के विरोधियों की तलाश कर रही है। तृणमूल कांग्रेस के 10-20 विधायक भाजपा से मिल भी चुके हैं। उसमें से असली विभीषण तलाशा जाएगा और राम उसका राज्याभिषेक करेंगे।”

भाजपा विधायक ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या, राम का नाम लेने वालों का उत्पीड़न रावणी संस्कृति में है। ऐसे लोगों से समाज का क्या भला होगा, यह सोचने-समझने की बात है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सूपर्णखा बन गई हैं और कांग्रेस रावण हो गई है। उन्होंने कहा कि “2024 में आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो जाएगा।”विधायक सुरेंद्र सिंह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपशब्द कहने के साथ बसपा प्रमुख मायावती को लोभी का दर्जा दिया।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper