भारतीय करोड़पतियों का पलायन तेज, 2017 में 7000 भारतीय करोड़पति विदेश बसे

अखिलेश अखिल

सचमुच देश का मिजाज बदल रहा है। राजनीति बदल रही है तो जनता का मिजाज भी बदल रहा है। सरकार कहती है कि दुनिया के देशों में भारत सबसे ज्यादा सुरक्षित निवेश वाला देश है। सरकार यह भी कह रही है कि ग्रामीण भारत शहरों की तरफ पलायन कर रही है। लेकिन एक चौकाने वाली खबर भी इसी बीच सामने आ रही है। न्यू वर्ल्ड वेल्थ रिपोर्ट के मुताविक बड़ी संख्या में देश के रईस और करोड़पति देश को छोड़ कर दूसरे देश में बसते जा रहे हैं।

अभी हालिया रिपोर्ट 2017 की सामने आयी है जिसमे बताया गया है 7 हजार से ज्यादा करोड़पति अपना स्थाई निवास स्थान भारत से बदल कर विदेश में बस गए हैं। यह समझ से परे है कि ऐसा क्यों हो रहा है। हालांकि भारतीय करोड़पति पिछले कई सालों से विदेशो में बस रहे हैं लेकिन 2017 में सबसे ज्यादा भारतियों ने विदेश में स्थाई निवास बनाया है। यह चीन के बाद विदेश चले जाने वाले करोड़पतियों की दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी संख्या है।

रिपोर्ट के मुताविक वर्ष 2016 में विदेश में निवास स्थान बनाने वाले जहां 6,000 भारतीय थे वहीँ 2015 में यह संख्या करीब 4,000 की थी। उधर वैश्विक स्तर पर 2017 में 10,000 चीनी करोड़पतियों ने भी अपना मुल्क छोड़ दिया है। अन्य देशों के अमीरों का अपने देश से दूसरे देश में बस जाने की संख्या में तुर्की के 6000, ब्रिटेन के 4000, फ्रांस के 4,000 और रूस के 3,000 करोड़पतियों ने अपना स्थायी निवास बदला दिया है। स्थायी निवास बदलने के रुख के मुताबिक भारत के करोड़पति निवासी ज्यादातर अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जा रहे हैं जबकि चीन के ज्यादातर करोड़पतियों का रुख अमेरिका, कनाडा और आस्ट्रेलिया की ओर है।

जब से ग्रामीण भारत शहरों की तरफ आता दिख रहा है उसी तरह भारतीय करोड़पति और रईस विदेशों की तरफ भागते जा रहे हैं। माना जा रहा है कि ऐसा असुरक्षा की माहौल को लेकर हो रहा है। विदेश में बसे भारतीय रईस भले ही भारत में काम करना चाहते हों लेकिन वे यहां रहना नहीं चाह रहे।

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