भारतीय जेलों में हो रही है करोड़ों की कमाई, औद्योगिक संस्थानों के रूप में बना रहीं पहचान

नई दिल्ली: भारतीय जेल करोड़ों रुपए का बिजनेस करने लगी हैं इसमें उन्हें करोड़ों रुपए प्रति वर्ष की कमाई हो रही है। देश में सबसे ज्यादा कमाई करने वाला जेल,तिहाड़ जेल है। इसके उत्पाद टीजे ब्रांड के नाम से बाजार में बिक रहे हैं। तिहाड़ जेल प्रतिवर्ष लगभग 40 करोड रुपए का व्यवसाय करती है जिससे उसे 15 करोड रुपए की कमाई होती है।

इसी तरह केरल के कन्नूर सेंट्रल जेल 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की सालाना कमाई कर रही है| 2009 में इस जेल के कैदियों को बेकरी का काम सिखाया गया कैदियों द्वारा बनाए हुए बिस्कुट ब्रेड जेल की रोटी इत्यादि फ्रीडम फूड ब्रांड के नाम से उत्पाद बाजार में उपलब्ध कराए जा रहे हैं| पिछले 6 सालों में इस जेल ने आठ करोड़ 50 लाख रुपए की कमाई की है।जो एक रिकॉर्ड है।

भारत की जेलों में पिछले कई वर्षों से कैदियों को हुनर सिखाने का काम किया जा रहा है।पिछले वर्षों में सभी सेंट्रल जेल अपने कैदियों के उत्पात से भारी कमाई कर रहे हैं।यह अलग बात है कि उन्होंने अभी तक अपने ब्रांड नेम को विकसित नहीं किया है।जेल प्रशासन के अनुसार देश भर के सभी राज्यों की चुनिंदा जेल, इस समय कैदियों के बनाए गए सामान से करोड़ों रुपए प्रति वर्ष की कमाई कर रही हैं।इससे कैदियों की रोजाना दिए जाने वाली मजदूरी में भी इजाफा हुआ है।

जेलों में बनाई गई खाद्य सामग्री एवं अन्य सामग्री आम उपभोक्ताओं द्वारा पसंद की जा रही है इन गतिविधियों के कारण जेलों में बंद कैदियों की कमाई प्रतिदिन सो रुपए से लेकर 200 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है धीरे धीरे जेल औद्योगिक संस्थान के रूप में विकसित होना शुरू हो गए हैं।

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