भारतीय वैज्ञानिक का दावा- गठिया की दवा से कोरोना का इलाज संभव

अटलांटा: अमेरिका के अटलांटा में जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के बॉयोलोजी प्रोफेसर डॉ मुकेश कुमार ने कोरोना वायरस महामारी का इलाज खोजने का बड़ा दावा किया है. उन्होंने एबीपी न्यूज से बातचीत में बताया कि गठिया की एक दवाई से कोरोना का इलाज संभव है. हालांकि अभी इसका ह्यूमन ट्रायल नहीं हुआ है. इस दवा का पहले क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा. इसका नतीजा आने के बाद ह्यूमन ट्रायल होगा. इसमें अभी एक से दो महीने का समय लग सकता है.

डॉ मुकेश कुमार ने कहा, हमने इस दवाई का अभी अपनी लैब में प्रयोग किया है. जानवरों पर इस दवाई का ट्रायल किया है. इंसानों पर अभी टेस्ट नहीं हुआ है, जल्द ही इंसानों पर इसका टेस्ट किया जाएगा. लेकिन इस दवा का दूसरी बीमारियों के लिए भी ट्रायल चल रहे हैं, इसलिए इसके बारे में मालूम है.

मुकेश कुमार ने कहा, कोरोना के इलाज के लिए कोई नई दवाई खोजने में समय लगेगा, इसलिए पहले से ही मौजूद दवाई का टेस्ट करके कोरोना के लिए कारगर बनाया जा सकता है. हमने अपनी लैब में मौजूद बहुत सी अप्रूव दवाइयों का वायरस पर टेस्ट किया है. इस टेस्ट में गठिया की दवाई के अच्छे पॉजिटिव रिजल्ट मिले हैं. ये दवा सोने की धातु से बनी हुई है. सोना काफी समय से कई बीमारियों के इलाज में काम आया है. इससे अगर इंफेक्शन होता है तो इंसान उससे लड़ सकता है.

जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के बॉयोलोजी प्रोफेसर ने बताया कि उनकी कोशिश है कि ये नई दवाई हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को रिप्लेस कर देगी. उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि एक बार नई दवा देने के बाद हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की जरूरत पड़ेगी. इससे कोरोना के मरीजों को कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा.

हालांकि डॉ मुकेश ने इस बात से साफ इंकार कर दिया कि कोविड-19 इंसानों द्वारा बनाया गया है. उनका कहना है कि अगर कोरोना वायरस किसी इंसान ने बनाया होता तो ये और भी खतरनाक हो सकता था. इस तरह के वायरस पहले भी दुनिया में देखे गए हैं.

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