भारत अब पकौड़ा बेचेगा ,शर्त यही कि राफेल की कीमत बताओ

अखिलेश अखिल

राफेल में घोटाला और पकौड़ा में दिवालिया होने का सुगंध है।राफेल और पकौड़ा पर देश में बवाल मचा हुआ है। जनता कह रही है कि जब कुछ नहीं होगा तो पूरा देश पकौड़ा ही बेचेगा लेकिन शर्त है कि सरकार राफेल की कीमत को बताये। राफेल की कीमत सामने आते ही हर घर के बेरोजगार लोग पकौड़ा बेचेंगे। कोई हल्ला नहीं करेगा। पहले राफेल पर चर्चा कर ली जाए। देश राफेल की कीमत जानने को बेताब है लेकिन सरकार कीमत बताने का नाम नहीं ले रही। ऐसा कैसे हो सकता है कि बिना कीमत जाने देश अरबो खरबो का डील कर ले। पैसा तो देश को देना है कोई बीजेपी और उसके मंत्री संत्री को नहीं।

फिर जनता अपने खर्च हो रहे पैसे की जानकारी मांग रही है तो इसमें कोई जुर्म नहीं। कांग्रेस वाले जब इसी तरह का घपला -घोटाला करते थे तो बीजेपी वाले भी तो सच्चाई जानने की मांग करते थे। फिर अब उन्हें किस बात का डर है। सुनने में आया कि वित्त मंत्री अरुण जेटली से जब राफेल की कीमत खुलासा करने को कहा गया तो उन्होंने कह दिया कि कीमत बताने से राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। जेटली का यह बयान समझ से पड़े है। कीमत से राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में पड़ेगी इस तरह का तर्क कभी नहीं सूना गया था। कोई राफेल का डिटेल तो माँगा नहीं जा रहा है फिर सुरक्षा को खतरा कैसे होगा ?

इसी सुरक्षा से जुड़ा एक और सवाल। क्या मान जाए कि राफेल की कीमत मिल जाने के बाद देश की जनता इसकी जानकारी विदेशी दुशमन को दे देगी। यानी देश के लोग राफेल को लेकर देश का दुश्मन हो जाएंगे। लेकिन अब तो ऐसा ही देखा ही गया है कि सरकारी कर्मचारी ,नेता और सुरक्षा से जुड़े कुछ अधिकारी ही इस तरह की जालसाजी करते रहे हैं। फिर राफेल की कीमत का खुलासा क्यों नहीं ?
आपको बता दें कि राफेल विमान भारत फ्रांस से खरीद रहा है। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने विमान महंगी कीमत पर खरीदा है जबकि सरकार का कहना है कि यही सही कीमत है। ये भी आरोप लगाया जा रहा है कि इस डील में सरकार ने उद्योगपति अनिल अम्बानी को फायदा पहुँचाया है। बता दें, कि इस डील की शुरुआत यूपीए शासनकाल में हुई थी। पर कांग्रेस का कहना है कि यूपीए सरकार में राफेल विमान की सारी जानकारी दे दी है।

उन्होंने 12 दिसंबर, 2012 को 126 राफेल विमानों को 10.2 अरब अमेरिकी डॉलर (तब के 54 हज़ार करोड़ रुपये) में खरीदने का फैसला लिया गया था। इस डील में एक विमान की कीमत 540 करोड़ थी। पर बीजेपी सरकार राफेल लड़ाकू विमान की सही जानकारी नहीं दे रही है। यह भी माना जा रहा है कि मोदी सरकार एक राफेल 15 सौ करोड़ से ज्यादा की कीमत पर खरीद रही है। अभी पिछले साल ही क़तर देश ने एक राफेल 640 करोड़ में खरीदा था।

उधर पकौड़ा पॉलिटिक्स देश में धूम मचा रखा है। देशभर में रोजगार के मुद्दे पर पकौड़ा बेचने वाले प्रधानमंत्री के बयान का विरोध राजनीतिक पार्टियाँ अलग अलग जगह पर कर रहीं हैं। राजनितिक पार्टियाँ पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को इकठ्ठा कर के सरकारी भवनों के सामने पकौड़े का ठेला लगवा रहें हैं। इस मामले पर समाजवादी पार्टी की छात्र संगठन ने गाजियाबाद के सांसद और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह घर के सामने पकौड़े का स्टॉल लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस बात कि सुचना जब पुलिस को मिली तो पुलिस वहां पहुच कर स्टॉल हटवाने लगी। इस तरह वहां पुलिस और छात्र संगठन में झड़प हो गयी और पुलिस वालों से पकौड़ा बनाने का सारा सामान रोड पर फेक दिया।

उधर पकोड़ा रोजगार का विरोध करने उतरे महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता संजय निरुपम को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। संजय निरुपम बेरोजगार युवाओं के साथ मंत्रालय के सामने पकोड़ा बेचने जा रहे थे। संजय निरुपम को मंत्रालय पहुचने से पहले ही रोक कर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके अलावा मध्यप्रदेश में भी युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदेश में जगह जगह पकौड़े का स्टॉल लगाकर प्रधानमंत्री के बयान का विरोध करते हुए दिखे। लोगों ने नारा लगाया कि राफेल का सच बताओ और हम से पकौड़ा बेचवाओ।

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