---- 300x250_1 ----
--- 300x250_2 -----

भारत की एक इंच जमीन पर कोई कब्जा नहीं कर सकता: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली: राजनाथ सिंह ने कहा, मैं भारत का रक्षा मंत्री हूं आप ये जानना चाहेंगे कि भारत और चीन के बीच जो गतिरोध चल रहा था,उसका क्या हुआ? भारत और चीन गतिरोध पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि दोनों देशों के बीच कोर कमांडर लेवल की 9 राउंड की बातचीत के बाद पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।आप सबको जानकारी होगी कि 9 राउंड की वार्ता के बाद, मिलिट्री लेवल पर एक बार दोनों सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।’ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ये बयान तमिलनाडु में आयोजित भारतीय जनता युवा मोर्चा के सम्मेलन में दिया।

राजनाथ सिंह ने आगे कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ”भारत-चीन गतिरोध मामले पर कांग्रेस हमको बदनाम करने की कोशिश करती है और कहती है हमने भारत की जमीन गंवा दी। मैं आपको विश्वास के साथ कहना चाहता हूं, जब तक इस शरीर में खून है, प्राण है, भारत की एक इंच जमीन पर भी कोई मां का लाल कब्जा नहीं कर सकता है।” राजनाथ सिंह ने कहा, भारत अपनी सीमा में किसी भी तरह की एकतरफा कार्रवाई को अनुमति नहीं देगा। जो भी इस तरह की कोशिश करेगा उसके लिए कोई भी कीमत चुकाएगा। विपक्ष पर निशाना साधते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस भारतीय सेना की बहादुरी पर शक करती है…क्या ये भारत के जवानों का अपमान नहीं है, जो देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हैं।

कोरोना वायरस मुद्दे पर राजनाथ सिंह ने कहा, हमने सिर्फ कोरोना पर ही काबू पाने में सफलता नहीं पाई है। बल्कि इसकी ‘मेक इन इंडिया’ वैक्सीन बनाने में भी सफलता पाई है। इसका इस्तेमाल हम केवल देश में ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि दूसरे देशों को अपनी वैक्सीन देकर उनकी मदद भी कर रहे हैं। राजनाथ सिंह बोले, कोरोना वायरस महामारी की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा था। लेकिन हमारी सरकार ने अच्छा काम किया है कि अब IMF ने भी कहा है कि 2021-22 में भारत की जीडीपी 11 प्रतिशत से भी ज्यादा होगी।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper