भारत खरीदेगा कारगिल युद्ध में पाक को पस्त करने वाला मिग-29

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन से टकराव के बीच रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए 21 मिग 29 और 12 सुखोई 30 एमकेआई विमानों की खरीद को मंजूरी दी है। तीनों सेनाओं की अतिरिक्त मिसाइलों की खरीद भी की जाएगी। रूस से मिग और सुखोई खरीदने के भारत के फैसले को कम वक्त और कम लागत के कारण मुफीद माना जा रहा है। बता दें कि मिग 29 बीते 35 सालों से भारत के जंगी बेड़े का भरोसेमंद साथी रहा है। मिग 29 मिराज के साथ कारगिल युद्ध में पाक ठिकानों को ध्वस्त कर पराक्रम दिखा चुका है।

ऊंचाई पर अचूक साबित हुआ

1999 में कारगिल युद्ध में पाक ने 15 हजार फीट की ऊंचाई पर ठिकाने बना लिए थे पर मिग 29 से निशाने से दुश्मनों को खदेड़ने में देर नहीं लगी। बता दें कि पाकिस्तान सीमा से 100 किलोमीटर और चीन से 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आदमपुर बेस स्टेशन पर मिग निगहबानी में पहले से तैनात है।

मिग 29 की विशेषताएं

-मिग 29 तैयार किए जाने से लेकर 40 साल तक सेवाएं देने में सक्षम है।
-आसमान की ओर सीधे 90 डिग्री कोण में टेकऑफ संभव है।
-दुश्मन के विमान को देख 5 मिनट में टेकऑफ की क्षमता है।
-हवा से हवा, हवा से सतह और हवा समुद्री कार्रवाई में सक्षम है।

भारत और चीन की सेनाओं के बीच लद्दाख में एलएसी पर करीब दो महीने से टकराव के हालात बने हुए हैं। छह जून को हालांकि दोनों सेनाओं में पीछे हटने पर सहमति बन गई थी लेकिन चीन उसका क्रियान्वयन नहीं कर रहा है। इसके चलते 15 जून को दोनों सेनाओं के बीच खूनी झड़प भी हो चुकी है। इसके बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बात हुई है तथा 22 जून को सैन्य कमांडरों ने भी मैराथन बैठक की है। हर बार सहमति बनती है, लेकिन उसका क्रियान्वयन नहीं दिखाई देता है।

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