भारत-चीन की सीमा के इस क्षेत्र में क्या सच में रहते हैं एलियंस !

 

समय-समय पर एलियंस से जुड़े सवाल उठते रहते हैं। हांलाकि अभी तक इनकी पुष्टि नहीं हो पाई हैं। इस लॉकडाउन पीरियड में भी एलियंस की UFO की संभावना बताई गई थी। कई बार इसको लेकर तस्वीरें भी वायरल हुई हैं। कई जगहें ऐसी भी हैं जहाँ एलियंस के ठहरने की बात कही जाती हैं। ऐसी ही एक जगह हैं भारत-चीन की सीमा पर जहां कई बार पहाड़ के ऊपर यूएफओ को उड़ते हुए देखे जाने का दावा किया जा चुका है।

इस जगह का नाम है कोंग्का दर्रा, जिसे कोंग्का ला भी कहा जाता है। यह भारत और चीन की सीमा पर स्थित एक विवादित जगह है। दरअसल, चीन इसे हिमालय का अक्साई क्षेत्र मानता है और उसपर अपना अधिकार बताता है, जबकि भारत इसे लद्दाख का हिस्सा मानता है। हालांकि बाद में एक समझौता किया गया, जिसके बाद से भारत और चीन दोनों ही देशों की सेना इस जगह पर पेट्रोलिंग नहीं करती है। साथ ही आम लोगों के आने-जाने पर भी रोक है।

कोंग्का दर्रा वैसे तो एक निर्जन जगह है, लेकिन इसे ‘एलियंस का अड्डा’ यानी ‘यूएफओ बेस’ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यहां आसपास रहने वाले लोगों ने कई बार इस जगह पर उड़नतश्तरियों को देखा है। कई शोधकर्ता भी इस विवादित इलाके में मिले कुछ ऐसे चिह्नों को प्रमाण के तौर पर दिखाते हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि सच में यहां एलियंस के विमान आते-जाते रहते हैं।

हालांकि कुछ जानकारों का मानना है कि यहां यूएफओ का बेस हो ही नहीं सकता, क्योंकि यह जगह बहुत ही दुर्गम है। साल 2006 में एक तस्वीर भी वायरल हुई थी, जिसमें उड़नतश्तरी को दिखाया गया था। इस तस्वीर को गूगल सैटेलाइट द्वारा ली गई फोटो बताया गया था।

वैसे तो कहा जाता है कि यहां पहाड़ पर लोगों का पहुंच पाना काफी मुश्किल भरा काम है, लेकिन साथ ही साथ यह भी दावा किया जाता है कि कुछ लोग वहां जा चुके हैं और उड़नतश्तरियों को देख चुके हैं। अब इसमें कितनी सच्चाई है, ये तो कोई नहीं जानता, लेकिन जिस तरह से लोग दावा करते हैं, उससे तो यही लगता है कि इस जगह पर कुछ न कुछ तो ऐसा गहरा राज जरूर छिपा हुआ है, जो दुनिया की नजरों में अनजान है।

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