भिखारी की सूचना दो और 500 रुपये इनाम लो

हैदराबाद: भिखारी की सूचना दो और क्रिसमव पर 500 रुपये इनाम लो। इस अनूठे अभियान की शुरुआत हैदराबाद को भिखारी मुक्त शहर बनाने के लिए तेलंगाना पुलिस और जेल विभाग ने मिलकर की है। अभियन के तहत भिखारी की सूचना देने वाले को क्रिसमस के दिन 500 रुपये इनाम दिया जाएगा। भिखारियों को पकड़कर काउंसलिंग के लिए भेजा जा रहा है। अपने अभियान को और तेज करते हुए जेल विभाग ने इस अनोखे अभियान की घोषणा की है। इसी साल 20 अक्टूबर को तेलंगाना के जेल विभाग ने हैदराबाद के भिखारियों के जीवन में सुधार लाने के लिए सामाजिक सेवा सुधार कार्यक्रम शुरू किया था।

इस प्रोग्राम के तहत, जेल विभाग हैदराबाद के भिखारियों को इकट्ठा करके उन्हें विशेष सुधार सुविधा के लिए चंचलगुड़ा और चेरलापल्ली जेल परिसर में काउंसलिंग के लिए भेजा रहा है। विभाग ने जेल में भिखारियों को बैरक से दूर खाली पड़ी जगह में रहने का स्थान दिया है ताकि उनका पुनर्वास ठीक कैदियों की तरह न किया जाए। इसके लिए उन्हें आनंद जेल परिसर के अंदर बने आनंद आश्रम में पनाह दी जा रही है। जेल के डीजी वीके सिंह ने बताया, ‘लगभग 316 पुरुष और 164 महिला भिखारी इस सुधार कार्यक्रम का हिस्सा रह चुके हैं जहां उन्हें आनंद आश्रम में रखा जाता है।

इसे भी पढ़िए: संसद का शीतकालीन सत्र फलदायी होने की मोदी को उम्मीद

इनमें से कई भिखारियों को दोबारा भीख मांगने की शरण में न जाने का वादा लेकर छोड़ा जा चुका है।’ सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत जो असल में भिखारी हैं, उनका पुर्नवास किया जा रहा है। ऐसे भिखारी जो रोग से पीड़ित हैं, उन्हें अस्पताल भेजा गया है। डीजी ने बताया कि जल्द ही वह अपने कार्यक्रम में जेल अधिकारियों के अलावा सामाजिक काउंसलर और एनजीओ वर्कर्स को भी शामिल करेंगे। भिखारियों को शहर से निकालने के लिए कथित रूप से पुलिस और जीएचएमसी (ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन) एक अभियान चला रही है। हैदराबाद को भिखारी मुक्त शहर बनाने के लिए 20 दिसंबर तक समय निर्धारित किया है। अब भिखारियों के बारे में जानकारी देने वाले को 500 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper