भुखमरी, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के कीर्तिमान, फिर भी हम है महान

अखिलेश अखिल

लखनऊ ट्रिब्यून दिल्ली ब्यूरो: इसमें कोई हर्ज नहीं की भारत अब पहले जैसा नहीं रहा। हम विकासशील से आगे की छलांग पर अपना कदम रख चुके हैं। पूरी दुनिया की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियां जिस तरीके से बदल रही है शक्ति प्रदर्शन का खेल चल रहा है उसमें भारत की हालत कमजोर नहीं है और भारत दुनिया के कई देशों के लिए आशा का केंद्र बना हुआ है। पिछले एक दशक में भारत की हालत पहले से ज्यादा ही मजबूत हुयी है और वर्तमान में जितने परिवर्तन होते दिख रहे हैं उसके परिणाम आने वाले दिनों में सकारात्मक ही दिखेंगे, इसमें कोई शक की गुंजाइस नहीं है। लेकिन यह भी उतना ही सही है कि भारत आज भी दुनिया का सबसे बड़ा भ्रष्ट ,गरीब और बेकारी वाला देश बना हुआ है। और जब तक हम गरीबी और बेकारी को फतह नहीं कर लेते भारत दुनिया पर राज नहीं कर सकता। गरीब और बेकारी से जूझता देश कभी शक्तिशाली नहीं बन सकता। इसलिए हमारी सरकार कितना ही नई इंडिया की बात कर ले उससे कोई लाभ होता नहीं दिखता। नई इंडिया की कहानी सुनने में भीतर से हमें गुदगुदा सकती है लेकिन उससे कुछ हासिल नहीं हो सकता।

दरअसल, भारत भ्रष्टाचार और भुखमरी के बाद अब ‘बेरोजगारी’ में भी अव्वल नजर आने लगा है। श्रम ब्यूरो के ताज़ा आकड़ों के अनुसार भारत विश्व का सबसे ज़्यादा बेरोज़गारों वाला देश बन गया है। आंकड़ों के अनुसार भारत की 11 फीसदी आबादी मतलब लगभग 12 करोड़ लोग बेराज़गार हैं। इसीलिए भारत दुनिया के सबसे ज्यादा बेरोज़गारों का देश बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2015-16 में बेरोज़गारी की दर 5 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। जहां 12 करोड़ लोग बेरोज़गार हैं, वहीं 2015 में सिर्फ 1 लाख 35 हजार लोगों को ही नौकरी मिली। चार साल से 550 नौकरियों रोज़ खत्म हो रही हैं। बेरोज़गारों में पढ़े-लिखे युवाओं की तादाद ही सबसे ज़्यादा है। जिसमें 25 फीसदी 20 से 24 साल के हैं, जबकि 25 से 29 वर्ष की उम्र वाले युवकों की तादाद 17 फीसदी है। 20 साल से ज़्यादा उम्र के 14.30 करोड़ युवाओं को नौकरी की तलाश है।

इससे पहले फोर्ब्स ने भारत को एशिया का सबसे भ्रष्ट देश बताया था। भाजपा सरकार नोटबंदी और दूसरे अन्य तरीकों से भले ही भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लाख दावे करती हो, लेकिन सच्चाई ये है कि भारत एशिया का सबसे भ्रष्ट देश है। ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल के अनुसार भारत, एशिया का सबसे भ्रष्ट देश है। फोर्ब्स द्वारा जारी लिस्ट में एशिया के पांच सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों के नाम हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार घूसखोरी के मामले में भारत ने वियतनाम और पाकिस्तान को भी पीछे छोड़ दिया है। भ्रष्ट देशों में वियतनाम, भारत के बाद आता है जहां घूसखोरी 65 प्रतिशत है जबकि पाकिस्तान 40 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर है।

भारत भुखमरी के मामले में भी अव्वल होता जा रहा है। वैश्विक भुखमरी सूचकांक के 118 देशों की लिस्ट में भारत 97वें स्थान पर पहुँच चुका है। 2008 से 2014 तक हालत जितनी सुधरी थी तथाकथित विकास की सरकार आने के बाद हालात बदतर हो गए। 2014 में मोदी की सरकार आने के दौरान भुखमरी के मामले में 17.8 पॉइंट के साथ भारत 55वें स्थान पर था(120) देशों में। मगर 2016 में भुखमरी से जुड़े सूचकांकों में वृद्धि होते हुए यह 28.5 होगया, जिससे भारत 97वें स्थान पर पहुँच गया(118 देशों में)। ऐसी हालत में भारत कभी अपने वैश्विक लक्ष्य को पूरा नहीं का सकता। हमारा आयात -निर्यात अंतर दिनोदिन बढ़ता जा रहा है। हमारा पडोसी देश भी हमसे ज्यादा खुश नहीं है। चीन अपना बाजार हर जगह बढ़ाता दिख रहा है। हमारे युवा चाहकर भी कुछ ना करने की हालत में हैं। ऊपर से आतंकवाद और नक्सलवाद की कहानी हमें और परेशान कर रही है। बेकारी की समस्या आतंकवाद और नक्सलवाद को और बढ़ा रही है।

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