भोजन की लूट के दृश्य मध्यप्रदेश के माथे पर कलंक

भोपाल: खंडवा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सफर कर रहे मजदूरों द्वारा पानी और भोजन की लूटपाट इस बात का सबूत है कि ट्रेनों में भोजन और पानी देने का सरकार का दावा झूठा है ।तथ्य यह है कि भारत के गरीब लोग भूखे प्यासे ही सफर करने के लिए मजबूर हैं। यह प्रदेश में पहली घटना नहीं है इसी तरह की घटना सतना और नरसिंहपुर में घट चुकी और तो और भूख से त्रस्त चोरों ने सतना में एक मजिस्ट्रेट के घर से रोटियां चुराई हैं ।

ऐसी खबरें मध्य प्रदेश को कलंकित करने वाली हैं ।बड़वानी जिले में भूख से मरने वाला मददूर हो या मजिस्ट्रेट के घर से रोटियां चुराने वाला चोर यह मध्य प्रदेश की उस भयावह कहानी की ओर संकेत कर रही हैं जो आने वाले समय के गर्भ में छुपी है ।मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने सरकार को आगाह किया है कि यह घटनाएं मध्य प्रदेश को शर्मिंदा करने वाली हैं अगर समय रहते प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी नहीं बनाया गया तो अराजकता का भयावह दौर भी देखना पड़ सकता है।

गुप्ता ने कहा कि मध्य प्रदेश के करुणा प्रिय सरल और दया रखने वाले समाज ने बढ़-चढ़कर जो पैदल चलते हुए मजदूरों की सेवा की है उसके कारण अभी तक ऐसे दृश्य सामने नहीं आए थे किंतु समाज का जब हौसला टूटा और सरकार पर जिम्मेवारी आई तो यह दृश्य सामने आ रहे हैं ।आज आवश्यकता है कि प्रशासन की डिलीवरी सिस्टम को पारदर्शी और उत्तरदाई बनाया जाए ।केवल टेलीविजन पर जनता को समझाने से पेट की भूख नहीं मिटेगी ।

गुप्ता ने इन घटनाओं की निंदा की और सरकार से आग्रह किया कि संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए ताकि अन्य जगह भी अधिकारी इस राष्ट्रीय दायित्व में अमानत में खयानत करने में ना लगे रहें और एक पवित्र उद्देश्य हार ना जाए।

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