मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि परिवार का हर सदस्य एक एक पौधे का करे रोपण

बरेली: वृहद वृक्षारोपण अभियान 2022 के अन्तर्गत वन महोत्सव कार्यक्रम में कल कैण्ट क्षेत्र निकट श्मशान भूमि (कैण्ट ठिरिया निजावत खां मार्ग) पर माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) वन एवं पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन डॉ. अरुण कुमार एवं मंडलायुक्त श्रीमती सेल्वा कुमारी जे. ने वृक्षारोपण कर शक्ति वन की स्थापना की। इस अवसर पर अपर आयुक्त श्रीमती प्रीति जयसवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्रीमती नीता अहिरवार, विभिन्न संगठनों व संस्थाओं के सदस्यों एवं छात्राओं ने भी पौधारोपण किया।

माननीय मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण करने तथा रोपित पौधों को हर हाल में जीवित बचाए रखने के प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पेड़ पौधों के बिना जीवन सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण असंतुलन को दूर करने के लिए सबसे जरूरी उपाय वृक्षारोपण ही है।

माननीय मंत्री ने इस अवसर पर आम जन से अपील की कि वे अपने अपने स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करें और प्रति व्यक्ति एक पौधा रोपें और उसे बचाए रखने के सतत् प्रयत्न करें ताकि वह पौधा एक दिन बड़े वृक्ष का रूप धारण कर कर ऑक्सीजन का उत्सर्जन करे। उन्होंने महिलाओं से विशेष रूप से अपील की है कि परिवार में जितने भी सदस्य हैं, सभी सदस्य एक एक पौधे का रोपण कराएं तथा उन्हें बचाए रखने के प्रति जागरूक भी करें।

उन्होंने कहा कि पौधरोपण सुरक्षित स्थानों पर ही किया जाए और प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिन, विवाह की वर्षगांठ आदि अवसरों पर तथा अपने पूर्वजों की याद में भी पौधारोपण करे। कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक बरेली जोन श्री ललित कुमार, वन संरक्षक एवं क्षेत्रीय निदेशक वन एवं वन्य जीव बरेली वृत्त श्री विजय सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी श्री समीर कुमार, उप प्रभागीय वनाधिकारी श्री कमल कुमार, क्षेत्रीय वनाधिकारी श्री वैभव चौधरी सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बरेली से ए सी सक्सेना की रिपोर्ट

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- -----------------------------------------------------------------------------------------
----------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper