मई में हो सकती है अंतिम रुप से कैबिनेट में फेरबदल !

लखनऊ ट्रिब्यून दिल्ली ब्यूरो: विस्तारवादी राजनीति बीजेपी को खूब फल फूल रही है। हर जगह उसे सफलता मिल रही है और संगठन तैयार होता दिख रहा है। बीजेपी का अगला पड़ाव कर्नाटक है। चुकी बीजेपी कर्नाटक में पहले भी सरकार चला चुकी है इसलिए इस बार उसे कर्नाटक से कुछ ज्यादा ही उम्मीद है। कर्नाटक मिल जाय तो बीजेपी को दक्षिण राज्यों में पहुँच हो जाए। दक्षिण के चार राज्यों में कर्नाटक को छोड़ बीजेपी कहीं अपने दम पर जीत की राजनीती करने की हालत में है।

लेकिन कर्नाटक चुनाव के बाद साल के अंत में जिन चार राज्यों में चुनाव होने हैं वहाँ बीजेपी की ही सरकार है। उसे वापस लाने की चुनौती है। इस बार चुनौती कुछ ज्यादा बनी हुयी है। इसलिए यह भी माना जा रहा है कि कर्नाटक चुनाव के बाद एक बार फिर से अंतिम रूप से फेर बदल संभव है। माना जा रहा है कि इस फेर बदल में टीडीपी कोट से खाली सीटों को तो भरना ही है साथ ही संभावित रूप से कुछ अन्य दलों पर भी बीजेपी की नजरे टिकी हुयी है जो एनडीए छोड़ने का सही वक्त का इन्तजार कर रहे हैं। इनमे शिवसेना पहली पार्टी है जो कब एनडीए से अलग हो जाय कहा नहीं जा सकता। खबर मिल रही है कि लोसपा नेता कुशवाहा भी अलग होने की संभावना तलाश रहे हैं। शायद कर्नाटक के परिणाम आने के बाद वे कुछ निर्णय कर सके।

सूत्रों के मुताविक बीजेपी को लग रहा है कि वर्तमान एनडीए से कई दल बाहर निकले हैं और निकलेंगे भी। इसलिए बीजेपी अब नए साथी की तलाश में जुट गयी है। आपको बता दें कि शिवसेना पहले ही ऐलान कर चुकी है वह अगले चुनाव में एनडीए के साथ नहीं रहेगी। सबसे पहले एनडीए से अलग हुए बिहार के हम पार्टी के नेता जीतनराम मांझी। इसके बाद भी विशेष राज्य के नाम पर टीडीपी एनडीए से अलग हो गयी। इसके अलावा भी दो ऐसे दल हैं जिसकी हरकत को बीजेपी भांप रही है।

अब माना जा रहा है कि अगले तीन या चार महीने में केंद्र सरकार में कई मंत्री पद खाली हो जाएंगे।प्रभारी मंत्रियों से इनका काम ज्यादा समय तक नहीं चलाया जाएगा। भाजपा के जानकार सूत्रों का कहना है कि अगले लोकसभा चुनाव और कई राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए ऐसे राज्यों से मंत्री बनाए जाएंगे, जहां भाजपा अपना विस्तार करना चाहती है। यह भी कहा जा रहा है कि इस बार राज्यसभा के चुनाव में कुछ नेताओं को उच्च सदन में लाया जा रहा है, जिनको मंत्री बनाया जाएगा। माना जा रहा है कि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ नए चेहरे सरकार में आएंगे और कुछ पुराने चेहरों को प्रमोशन मिल सकती है।

किरण रिजीजू को कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रमोट किया जा सकता है और पूर्वोत्तर में नए जीते राज्यों से कुछ लोग सरकार में आ सकते हैं। इसी तरह पश्चिम बंगाल और ओड़िशा पर भी प्रधानमंत्री मोदी की खास नजर होगी। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र और राजस्थान से कम से कम एक एक बड़ा चेहरा सरकार में लाया जा सकता है। इसके अलावा पूर्वोत्तर से कुछ नेताओं को मंत्री का पद दिया जाएगा। खबर मिल रही है कि बिहार से भी एक नेता मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं।

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