मऊ को दी 136.35 करोड़ की सौगात, मुट्ठीभर लोग कर रहे नए कृषि कानून का विरोध: सीएम योगी

मऊ: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मऊ को 136.35 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि विकास और सुरक्षा ही शासन की प्राथमिकता है। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में पिछले छह साल में किसानों के लिए जितना काम हुआ उतना कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि मुट्ठी भर लोग नए कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि नया कृषि कानून बनाकर किसानों को स्वतंत्रता दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि एमएसपी बंद नहीं होगी लेकिन किसानों को गुमराह करने का प्रयास हो रहा है। किसान खेत को कांटेक्ट खेती के लिए दे सकता है लेकिन मालिक तो किसान ही रहेगा। किसान के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता है।

सीएम योगी ने किसानों को दी जा रही योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि छह हजार रुपये सालाना हर किसान को दिया जा रहा है। हर चार महीने पर दो हजार रुपये खाते में भेजे जा रहे हैं। नौ करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रुपये 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी फिर से भेजेंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हो या प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, सभी को किसानों को राहत दी जा रही है। एमएसपी पर फसलें खरीद कर हजारों करोड़ की राहत दी गई है। सीएम योगी ने कहा कि विकास शासन की प्राथमिकता है। 2014 में प्रधानमंत्री ने कहा था कि हर गरीब को योजनाओं का लाभ देंगे। किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। आज बिना भेदभाव के शासन की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। लोगों की खुशहाली लाना ही सरकार का संकल्प है।

सीएम योगी ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ा जा रहा है। यह एक्सप्रेस वे पूर्वी यूपी के विकास की रीढ़ बनेगा। आजमगढ़ में राज्य विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। यह आधुनिक शिक्षा का केंद्र बिंदु बनकर उभरेगा। पहले आजमगढ़ के नाम से लोग डरते थे। अब वहां यूनिवर्सिटी बन रही है, एयरपोर्ट बन रहा है। विकास की ये योजनाएं लोगों के जीवन में बदलाव लाएंगी।

स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से महिलाओं के समूह को धन आवंटित किया जा रहा है। गांव-गांव में महिलाएं इन कार्यों से जुड़ रही हैं। महिलाओं के जीनव में खुशहाली आ रही है। महिलाओं की खुशहाली से परिवारों में खुशहाली होती है। बाढ़ की समस्या का स्थाई समाधान की ओर कार्य हो रहा है। नदियां कहीं भी इधर उधर नहीं जा पाएंगी। उन्हें एक चैनल देंगे ताकि नदियां अपने रास्ते पर जा सकें। हर हाल में 15 जनवरी से बाढ़ के लिए संवेदनशील जिलों में काम शुरू कर दिया जाएगा।

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