मन की बात छोड़ किसानों की बात करें हुक्मरान

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम लिए बगैर शनिवार को कहा कि ‘‘हुक्मरान’ मन की बात तो खूब करते हैं। अब किसानों की बात करनी चाहिए। न जाने क्यूं किसानों की बात करने में संकोच करते हैं। पूरी दुनिया में बदनामी होती है कि भारत में किसानों की बात नहीं होती है। किसानों के दुख-दर्द को कोई सुनने वाला नहीं है।

यादव ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान की बात नहीं होती है। किसान सत्तारूढ़ दल के किसी एजेंडे में नहीं दिखायी देता है। भाजपा जबसे सत्ता में आयी है किसान आर्थिक संकट में घिरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान को फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। भाजपा ने वादा किया था कि लागत मूल्य में 50 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़कर उसको फसल का लाभकारी समर्थन मूल्य देगी। किसान की कर्जमाफी के नाम पर चंद रुपयों के लिए उसका मजाक उड़ाया गया।

यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने किसानों के लिए 75 प्रतिशत बजट रखा था। आपदा राहत के साथ मुफ्त सिंचाई सुविधा भी दी थी। भाजपा कृषि की बजाय पूंजी घरानों के हित साधना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसान समस्याओं का टीवी पर जिक्र नहीं होता है। इससे यह अर्थ निकालना कि किसान खुशहाल है बेमानी होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कि देश में विचार और विकास की राजनीति होनी चाहिए। भाजपा बात तो विकास की करती है लेकिन जातिवाद और साम्प्रदायिकता की संकीर्ण राजनीति अपनाए रहती है। इस सच्चाई पर र्चचा होना आवश्यक है।

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