मसानजोर बांध के रंग को लेकर भाजपा और टीएमसी में टकराव

दिल्ली ब्यूरो: गजब की राजनीति। वोट की राजनीति बढ़ते बढ़ते विकास के पैमाने बाँध तक पहुँच गयी। वह भी रंगो को लेकर। बाँध का रंग कैसा हो या फिर नाद की दीवार किस रंग से रंगी जाय इसको लेकर ममता सरकार और झारखण्ड की रघुबर सरकार के बीच ठनी हुयी है। खबर यह है कि झारखंड के मसानजोर बांध के नए रंग को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव देखने को मिल रहा है।

दुमका जिले में बना यह बांध पश्चिम बंगाल सरकार की देखरेख में है। हाल में उसने इसे नीले और सफेद रंग में रंग दिया। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ये दोनों रंग बहुत पसंद हैं। खबर के मुताबिक इसी पर दोनों दलों के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है। भाजपा का आरोप है कि बांध को अपनी पसंद के रंगों में रंग कर टीएमसी निचले दर्ज की राजनीति कर रही है। वहीं, टीएमसी के नेताओं का कहना है कि दीवार के रंगों का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

इस विवाद पर पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के टीएमसी अध्यक्ष अनुब्रत मंडल ने कहा, ‘लगता है पश्चिम बंगाल के साथ झारखंड के भाजपा नेता भी ममता बनर्जी से डरने लगे हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि नीला और सफेद टीएमसी के नहीं हैं।’ अनुब्रत ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार बांध की देखरेख करती है. रंगों को लेकर उन्होंने कहा, ‘इसमें कुछ भी अजीब नहीं है. अगर कुछ अजीब है तो भाजपा की राय है। ’

बता दें कि पिछले दिनों दुमका में भाजपा के विरोध के चलते बांध को रंगने का काम बाधित हुआ था। झारखंड में भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल सहदेव ने कहा कि बांध की वजह से सैकड़ों लोग बेघर हुए हैं लेकिन, पश्चिम बंगाल इसका सारा पानी इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘झारखंड को इससे (बांध) कुछ नहीं मिलता। हमने हमेशा मांग की है कि इससे संबंधित समझौते पर दोबारा बात होनी चाहिए। यह बांध राष्ट्रीय संपत्ति है। यह किसी एक राज्य या दल से संबंधित नहीं है। इसलिए किसी और राज्य के ढांचे पर अपना रंग थोपना निचले दर्ज की राजनीति करना है। ‘

मसानजोर बांध की पानी जमा करने की क्षमता पांच लाख एकड़-फुट है। पश्चिम बंगाल के बीरभूम, बर्धमान और मुर्शिदाबाद जिलों के किसान इसके पानी पर निर्भर हैं। इस पर भाजपा के विरोध को लेकर राज्य के सिंचाई मंत्री सोमन महापात्रा का कहना है कि भाजपा इस मामले में लोगों को भड़काने का काम कर रही है। महापात्रा ने कहा, ‘भाजपा के नेतृत्व में कुछ लोग बांध का काम कैसे रोक सकते हैं? उन्होंने रंगाई के काम के साथ वहां लगे विश्व बांग्ला के लोगो को भी गिरा दिया जिसे हमारी मुख्यमंत्री ने डिजाइन किया था और केंद्र सरकार ने उसे मंजूरी दी थी। भाजपा यहां उसी तरह भड़काने का काम कर रही है जैसा वह पूरे देश में कर रही है।’

वहीं, मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक झारखंड सरकार में मंत्री लुईस मरांडी ने कहा है कि अगर किसी ने बांध की तरफ देखने की कोशिश की तो उसकी आंखें नोच ली जाएंगी। लुईस ने कहा कि उनकी सरकार पश्चिम बंगाल सरकार के किसी भी गलत काम को बर्दाश्त नहीं करेगी। मंत्री के मुताबिक बांध को लेकर पश्चिम बंगाल से हुए समझौते की मियाद खत्म हो चुकी है, लिहाजा अब वह समझौते के दस्तावेज दिखाए, उसके बाद बांध पर स्वामित्व जताए।

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