महज 12 घंटे में चार रेल दुर्घटनाएं, सात लोगों की मौत, करीब 11 हुए घायल

नई दिल्ली: देश में महज 12 घंटे से भी कम समय में हुई चार रेल दुर्घटनाएं हुई, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और कम से कम 11 लोग घायल हो गए। तीन दुर्घटनाएं उत्तर प्रदेश में हुईं, जबकि एक दुर्घटना ओडिशा में दर्ज की गई। पटरी से उतरने की दो घटनाओं में से एक में यूपी के चित्रकूट में तीन लोगों की मौत हो गई। एक घटना में इंजन डिब्बे से अलग हो गया जबकि दूसरी में ट्रेन मानवरहित क्रॉसिंग पर एक कार से टकरा गई। दुर्घटना का सिलसिला गुरुवार शाम सात बजकर 19 मिनट से शुरू हुआ, जब यूपी में अमेठी के निकट मानव रहित क्रॉसिंग पर एक पैसेंजर ट्रेन बोलेरो गाड़ी से टकरा गई।

इसमें चार लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि मुसाफिरखाना थाना अंतर्गत माठा भुसुंडा गांव में विवाह समारोह में जा रहे लोगों की गाड़ी ट्रेन से टकरा गई। इसके बाद, शुक्रवार की सुबह चार बजकर 18 मिनट पर यूपी के मानिकपुर रेलवे स्टेशन के पास वास्कोडिगामा-पटना एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में छह साल के बच्चे और उसके पिता सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य घायल हो गए। एडीजी (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार के मुताबिक प्रथम दृष्टया एक टूटी हुई रेल पटरी दुर्घटना की वजह बनी।

उन्होंने बताया कि उप्र सरकार ने ट्रेन दुर्घटना की जांच के लिए आतंक रोधी दस्ता को लगाया है। रेलवे में मौजूद सूत्रों ने बताया कि टूटी हुई पटरी ट्रेन के बेपटरी होने की वहज हो सकती है। ट्रेन के पटरी से उतरने के बाद पटना-इलाहाबाद मार्ग पर कई घंटों तक ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा। मानिकपुर में ट्रेन के पटरी से उतरने के दो घंटे के अंदर ही ओडिशा में सुबह गोरखनाथ और रघुनाथपुर के बीच पारादीप-कटक मालगाड़ी पटरी से उतर गई। अधिकारियों ने बताया कि घटना सुबह करीब पांच बजकर 55 मिनट पर हुई थी। पूर्वी तटीय रेलवे के प्रवक्ता जे पी मिश्रा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

उन्होंने बताया कि मालगाड़ी पारादीप से कोयला ले कर कटक जा रही थी कि तभी कटक से 45 किलोमीटर और पारादीप से 38 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बनबिहारी ग्वालिपुर पीएच रेलवे स्टेशन के निकट डाउन लाइन पर मालगाड़ी के करीब 14 खुले डिब्बे पटरी से उतर गए। चौथी घटना में, जम्मू-पटना अर्चना एक्सप्रेस का इंजन यूपी में सहारनपुर के निकट ट्रेन से अलग हो गया। यह दो बार हुआ। इंजन रात में दो बजकर 35 मिनट पर अलग हो गया और इसे जोड़कर तीन बजकर 17 मिनट पर रवाना किया गया।

हालांकि, इंजन और पहला कोच (पहले की तरह) सुबह पांच बजकर 25 मिनट पर फिर अलग हो गया और सुबह छह बजकर पांच मिनट पर इसे जोड़ा गया। उत्तर मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘कर्मचारियों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा फिर से जांच कर फैसला किया गया कि ट्रेन में नया इंजन लगाया जाना चाहिए ताकि ऐसी समस्या फिर न हो।’ आखिरकार, सारी सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद सुबह सात बजकर 25 मिनट पर ट्रेन रवाना हुई।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper