महागठबंधन से भयभीत होकर केंद्र सरकार ने पेश किया काल्पनिक बजट:अनिल दुबे

लखनऊ ब्यूरो। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने महागठबंधन भयभीत होकर लोकसभा चुनाव जीतने के लिए ऐसा काल्पनिक बजट पेश किया है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि मोदी सरकार लोकसभा चुनाव जीतने के लिए फिर से जनता से फरेब और छल का प्रयास कर रही है, लेकिन इस बार जनता मुहंतोड़ जवाब देगी। उन्होंने कहा कि बीते लगभग पांच वर्षों में देश के हर वर्ग की कमर टूट गयी है। इसलिए केंद्र सरकार अपने द्वारा जनता को दिये गये जख्मों पर घोषणाओं का मरहम लगाने का काम कर रही है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों से पांच सालों में किसानों की कमर टूट गई है। दो करोड़ नौजवानों को प्रतिवर्ष रोजगार देने का वादा करने वाली केंद्र सरकार पांच वर्षों में दो लाख लोगों को भी रोजगार नहीं दे सकी है। इस सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी लगातार बढ़ी है। केंद्र सरकार बेरोजगारों के आंकड़े छुपाने के लिए सरकार संवैधानिक संस्थाओं का गला घोट रही है। इसी का परिणाम है कि संख्यिकी आयोग के सदस्यों ने इस्तीफा दिया है।

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा पेश अन्तरिम बजट में नौजवानों को पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। किसानों को सिंचाई और बिजली, खाद, कृषि यंत्र के साथ आय को दुगना करना तथा लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने में केंद्र सरकार पूरी तरह से असफल रही है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार विपक्ष के प्रति जनता के रूख से बहुत भयभीत है। केंद्र सरकार ने किसानों को पेंशन देने की योजना का लाॅलीपाप दिखाया था लेकिन उसे पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की घोषणाएं मुंगेरीलाल के हसीन सपने जैसी है जिसे जनता अब देखना नहीं चाहती है।

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