महामारी का रूप ले सकता है मुंह का कैंसर, आईसीएमआर ने जारी की रिपोर्ट

नई दिल्ली। देश में ओरल (मुंह) कैंसर जिस तरह से महामारी के रूप में फैल रहा है उसको देखते हुए समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो अकेले भारत में अगले तीन साल में करीब नौ लाख लोगों का असामयिक निधन हो सकता है। विश्व कैंसर दिवस पर रविवार को आयोजित कार्यक्रमों में विशेषज्ञों ने रोकथाम और सघन स्क्रीनिंग पर बल दिया।

इंडियन कांउसिल मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार देश में कैंसर की बीमारी जिस तरह बढ़ रही है उसके कारण 2020 तक 17.3 लाख लोग इस जानलेवा बीमारी से पीड़ित होंगे और करीब 8.8 लाख लोग इसकी वजह से जान गवां देंगे। इससे न केवल लाखों परिवार प्रभावित होंगे बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। कैंसर के उपचार पर होने वाले भारी भरकम खर्च तथा बिगड़ती अर्थव्यवस्था को लेकर ब्रिक्स देशों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

ब्रिक्स ने हाल ही में एक सव्रेक्षण रिपोर्ट जारी किया है जिसके मुताबिक केवल इन पांच ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका) में 2012 में कैंसर से संबंधित मौतों ने इनकी अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया। इस बीमारी के चलते इन देशों को करीब 46.3 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012 तक तम्बाकू जनित उत्पादों के सेवन से न केवल देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है बल्कि इसकी जीडीपी में भी गिरावट दर्ज की गई है। कैंसर के उपचार पर हुए भारी भरकम खर्च से 2012 में भारत ने कुल कार्यक्षमता में 6.7 अरब की कमी दर्ज की गई जो आर्थिक विकास दर का 0.36 प्रतिशत है।

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