मां की सिर्फ एक ग़लती से बच्चे पैदा होते हैं किन्नर, हमेशा पछताने से अभी जान लेना है बेहतर

लखनऊ: स्त्री और पुरुष के अतिरिक्त भी मनुष्य की जाति में एक तीसरा वर्ग होता है जिसको हम सभी आम भाषा में किन्नर कहते हैं। आजकल के समय में इनको थर्ड जेंडर भी कहा जाता है। वैसे देखा जाए तो प्राचीन काल से इनका अस्तित्व रहा है। पुराने ग्रंथों जैसे महाभारत में ऐसे कई पात्रों का उल्लेख किया गया है वही उसके बाद के मध्यकालीन इतिहास में भी इनका जिक्र किया गया है। मुगल काल में इनकी राजदरबार तक में उपस्थिति रहती थी परंतु आजकल के समय में इनकी पहचान सिर्फ नाचने गाने वालों के रूप में ही की जाती है। इस बात को तो सभी जानते हैं कि किन्नर माता पिता नहीं बन सकते हैं परंतु सवाल यह आता है कि किन्नर किस वजह से पैदा हो जाते हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से इसके वैज्ञानिक कारणों के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिसकी वजह से बच्चा किन्नर का जन्म ले लेता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि किन्नरों का जन्म आम घरों में ही होता है और फिर जब किन्नर का जन्म होता है तो उसके माता-पिता खुद ही किन्नरों को उस बच्चे को दे देते हैं या फिर किन्नर खुद उस बच्चे को ले जाते हैं वही इस बच्चे का पालन पोषण करते हैं आपको बता दें कि कुछ कारणों से गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का या लड़की का रूप ना लेकर किन्नर का रूप ले लेता है गर्भावस्था के पहले 3 महीने के दौरान बच्चे का लिंग निर्धारित होता है और ऐसे में इस दौरान ही किसी तरह के चोट खान-पान या फिर हॉर्मोनल प्रॉब्लम की वजह से बच्चे में स्त्री या पुरुष के बजाए दोनों ही लिंगों के ऑर्गंस और गुण आ जाते हैं इन्हीं सब कारणों से गर्भावस्था के शुरुआत के 3 महीने तक सावधान रहने की जरूरत होती है।

इसके अलावा गर्भावस्था के शुरुआती 3 महीने में गर्भवती महिला को बुखार आए और उसने गलती से कोई हैवी डोज की दवा ले ली हो या गर्भवती महिला ने कोई ऐसी दवा या चीज का सेवन किया हो जिससे शिशु को नुकसान पहुंच सकता है तो ऐसी स्थिति में पेट में पल रहे बच्चे के किन्नर पैदा होने की संभावना ज्यादा हो जाती है आपको बता दें कि गर्भावस्था के 3 महीने के दौरान किसी एक्सीडेंट या चोट से शिशु के ऑर्गंस को नुकसान पहुंच सकता है इसलिए जरूरी है कि प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीने में बुखार या कोई तकलीफ होने पर बिना डॉक्टर को दिखाए कोई दवा मत लीजिए.

गर्भावस्था के दौरान हैल्थी डाइट लीजिए और बाहर के खाने से बचे इसके अतिरिक्त अगर आपको थाइरॉइड डायबिटीज मिर्गी की दिक्कत है तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह के बाद ही प्रेगनेंसी प्लान कीजिए।

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