माफिया मुन्ना बजरंगी का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन

वाराणसी: माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी का पार्थिव शरीर मंगलवार अपरान्ह पंचतत्व में विलीन हो गया। मोक्षतीर्थ मणिकर्णिकाघाट पर विधि विधान से अंतिम संस्कार की रस्म अदा करने के बाद मुखाग्नि बजरंगी के इकलौते पुत्र समीर सिंह ने दी। इस दौरान घाट पर मुन्ना के समर्थक रिश्तेदार बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मुन्ना के अन्तिम यात्रा में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देख मणिकर्णिकाघाट पर सुरक्षा का व्यापक प्रबन्ध किया गया था। इससे पूर्व बागपत शहर से सड़क मार्ग द्वारा मंगलवार सुबह मुन्ना बजरंगी का शव जौनपुर स्थित पैतृक गांव पुरे दयाल में पहुंचा।

मुन्ना का शव गांव में पहुंचते ही परिजनों और पट्टीदारों में कोहराम मच गया। मुन्ना के पार्थिव शरीर से लिपट कर परिजन और घर का महिलाएं बिलखने लगी। इस दौरान गांव कसेरू पूरे दयाल में सुरक्षा की दृष्टि से पीएसी के अलावा आधा दर्जन से ज्यादा थानों की पुलिस तैनात की गई थी। सुरक्षा घेरे में परिवार के लोग शव को अंत्येष्टि के लिए लेकर 9.30 बजे वाराणसी रवाना हो गए। शवयात्रा में लगभग 100 वाहनों से लोग चल रहे थे। पुलिस उसमें शामिल लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही सुरक्षित ढंग से शवयात्रा को जिले की सीमा पार कराने में मुस्तैद रही। इस दौरान गांव से लेकर बाहर तक भारी भीड़ जमा रही। घटना से मुन्ना के समर्थकों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हैं। दोनों जिलों में हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया था।

उल्लेखनीय है कि भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या समेत कई मामलों में जेल में बंद माफिया डान मुन्ना बजरंगी की बीते सोमवार को तड़के बागपत जेल में बंद शातिर बदमाश सुनील कुमार राठी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मुन्ना बजरंगी अदालत में सुनवाई के लिए रात्रि में ही झांसी जेल से बागपत भेजा गया था। मुख्यमंत्री ने घटना को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया और मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया है। घटना के कुछ समय बाद ही बागपत जेल के जेलर, डिप्टी जेलर समेत चार कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया।

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