मायावती क्यो बांधती थी लालजी टंडन को राखी ?, वजह जान आप भी रह जायेंगे हैरान

लखनऊ : मध्य प्रदेश के गवर्नर लालजी टंडन का मंगलवार सुबह लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में निधन हो गया। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और बेटे आशुतोष टंडन ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। मेदांता अस्पताल में करीब डेढ़ महीने से उनका इलाज चल रहा था। लालजी टंडन के किडनी और लिवर में दिक्कत के बाद उन्हें एडमिट कराया गया था। लालजी टंडन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरी संवेदना जाहिर की है।

बीजेपी में अपनी एक अलग पहचान और हनक रखने वाले लालजी टंडन का व्यक्तित्व अपने आप में खास था। राजनीतिक क्रिया कलापों के अलावा मानवीय संवेदनाएं भी उनमें इस कदर भरी थीं, जो उन्हे अन्य राजनेताओं से अलग करती थीं। मानवीय संवेदनाओं के आगे वो राजनीति को आड़े नहीं आने देते थे। यही वजह थी कि बीजेपी की धुर-विरोधी रही बसपा सुप्रीमो मायावती से उनका खास रिश्ता रहा।

बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर लालजी टंडन के निधन पर दुख और संवेदनाएं व्यक्त की हैं। यह जान कर नई पीढ़ी को हैरानी जरूर हो सकती है, लेकिन इससे पहले के लोगों को इसकी बेहतर जानकारी होगी। दरअसल बसपा सुप्रीमो मायावती लालजी टंडन को भाई मानती थीं और हर साल रक्षा बंधन पर उन्हे राखी बांधती थी। उनके मन में लाल जी टंडन के प्रति अगाध सम्मान था।

मायावती क्यो बांधती थी लालजी टंडन को राखी ?
जानकारों के मुताबिक गेस्ट हाउस कांड के दौरान जब बसपा सुप्रीमो मायावती की जान खतरे में थी, उस वक्त लालजी टंडन ने उन्हे बचाया था। उसके बाद से बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हे अपना भाई बना लिया था। मायावती हर साल रक्षाबंधन पर उन्हे चांदी की राखी बांधा करती थीं। लालजी टंडन बीजेपी के नेता थे, लेकिन उनका मायावती से बहन का रिश्ता काफी चर्चा में रहा करता था। जब उत्तर प्रदेश में बीजेपी और बसपा की गठबंधन सरकार थी, उस समय लाल जी टंडन मंत्री हुआ करते थे। दोनों नेताओं के रिश्ते में कभी खटास नहीं आई।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के निधन के बाद उनके प्रशंसकों, पार्टी के नेताओं में शोक की लहर है।

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