मार्च की अनुमति नहीं, तेलंगाना भाजपा प्रमुख को किया नजरबंद

हैदराबाद: तेलंगाना भाजपा के अध्यक्ष बांदी संजय कुमार को सोमवार से शुरू होने वाली प्रजा संग्राम यात्रा के पांचवें चरण की शुरुआत के लिए भैंसा शहर जाने से रोकने के लिए करीमनगर में नजरबंद कर दिया गया है। पुलिस ने संजय को रविवार रात भैंसा जाने के रास्ते में ही रोक लिया और शांति भंग की आशंका के चलते मार्च की अनुमति नहीं मिलने पर उन्हें वापस करीमनगर भेज दिया।

संजय को कस्बे की ओर जाने से रोकने के लिए उसके घर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

करीमनगर से सांसद भाजपा नेता ने घोषणा की है कि पार्टी पदयात्रा की अनुमति देने से इनकार करने के पुलिस के आदेश को तेलंगाना उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।

पदयात्रा का पांचवां चरण भैंसा से शुरू होने वाला है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस दौरान आयोजित पदयात्रा की शुरुआत के लिए जनसभा को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

जगतियाल में रविवार की रात उस समय तनाव व्याप्त हो गया जब संजय को पदयात्रा की अनुमति नहीं मिलने का हवाला देते हुए निर्मल जिले के भैंसा जाने के रास्ते में रोक लिया गया।

वाहन से नीचे उतरने से इंकार करने वाले भाजपा नेता की पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई। संजय के समर्थकों ने काफिले को रोकने की पुलिस की कोशिश का विरोध किया।

पुलिस ने भाजपा नेता को हिरासत में लिया और करीमनगर वापस भेज दिया। जगतियाल, कोरुतला, करीमनगर और निर्मल में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। उन्होंने सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

संजय ने दावा किया कि पुलिस ने शुरुआत में अनुमति दी थी, लेकिन सभी इंतजाम होने के बाद उसे वापस ले लिया।

संजय ने पूछा, वे कह रहे हैं कि भैना संवेदनशील जगह है। क्या भैंसा प्रतिबंधित क्षेत्र है।

सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील भैंसा ने अतीत में कुछ मौकों पर सांप्रदायिक दंगे देखे हैं और पुलिस को आशंका है कि पदयात्रा सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ सकती है।

भगवा पार्टी ने बंदी संजय के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने पदयात्रा की अनुमति से इनकार करने के टीआरएस सरकार की निंदा की।

किशन रेड्डी ने ट्वीट किया, भ्रष्ट और वंशवादी टीआरएस शासन के तहत तेलंगाना में लोगों की आवाज को दबाना, जनसभाओं पर प्रतिबंध लगाना और जनप्रतिनिधियों के घरों पर हमला करना एक आम चलन बन गया है।

आदिलाबाद के सांसद सोयम बापू राव ने कहा कि कार्रवाई राज्य में निरंकुश शासन को दर्शाती है।

भाजपा उपाध्यक्ष डी. के. अरुणा ने कहा कि टीआरएस ने पदयात्रा की अनुमति इसलिए नहीं दी, क्योंकि उसे अगले विधानसभा चुनाव में हार का डर था।

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