मुख्तार से यारी और समाज से गद्दारी कर रहे ओमप्रकाश राजभरः भीमसेन भारशिव

लखनऊ: महाराजा सुहैलदेव से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने और राजभर समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर राजभर समाज के लोग 15 दिसंबर को महाराजा सुहैलदेव की जन्मभूमि पर कारसेवा शुरू करने जा रहे हैं। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी शामिल होंगे। यह जानकारी भारशिव सेना के अध्यक्ष भीमसेन भारशिव ने दी।

उन्होंने ओमप्रकाश राजभर पर समाज के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर मुख्तार अंसारी को अपना दोस्त बता रहे हैं और समाज के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। ओमप्रकाश राजभर ने शुरू से ही समाज को वोटबैंक की तरह इस्तेमाल किया और समाज की भलाई के लिए कोई काम नहीं किया। भीमसेन भारशिव ने कहा कि जब वह भाजपा सरकार में मंत्री थे तो उन्होंने कभी भी राजभर को अनुसुचित जनजाति में शामिल कराने का प्रयास नहीं किया। वह केवल अपने परिवार को लाभ पहुंचाने में जुटे रहे। उन्होंने राजभर समाज के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए भी कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वह उस सपा के साथ हैं, जिसने महाराजा सुहैलदेव के ऐतिहासिक स्थलों पर समुदाय विशेष का कब्जा करवाने में मदद की। अब राजभर समाज समझ गया है और आने वाले चुनाव में उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

ज्ञातव्य है कि ओम प्रकाश राजभर को सपा गठबंधन के ही एक नेता ने राजनीतिक जोकर बताया था जिस पर राजभर समुदाय ने तीखा विरोध करते हुए अपना अपमान बताया था। भारशिव ने स्पष्ट कहा कि राजभर समाज का और अपमान नहीं होने देंगे और जनता को बतायेंगे कि सपा किस तरह उनके हितों के खिलाफ़ काम करती रही है।

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