मुझे जीतने के लिए हिंदू राष्ट्रवाद की जरूरत नहीं: नितिन गडकरी

मुंबई: मोदी सरकार को अक्सर अपने बयानों से मुश्किल में डालने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘मैं राष्ट्रवादी हूं ये सभी को पता है. हम पिछली बार चुनाव लड़े थे और कई वादे किए थे. अब समय आ गया है लोगों को ये बताने का कि हमने क्या किया है. मैं जो कहता हूं उसको करता हूं. मैं धर्म, जाति के आधार पर चुनाव नहीं लड़ता.’ मुझे जीतने के लिए हिंदू राष्ट्रवाद की जरूरत नहीं है. जब नितिन गडकरी से पूछा गया कि आपके कैंपेन में हिंदू राष्ट्रवाद जैसे मुद्दे नहीं होते तो उन्होंने कहा, ‘मैंने बहुत काम किया है. मैंने सड़कें, नागपुर में मेट्रो का काम शुरू करवाया.

हमने दलितों के लिए काम किया. इसके बारे में मैं अपने चुनावी अभियान में बात करूंगा.’ बहरहाल गडकरी का ये बयान ऐसे समय आया है जब देश में राष्ट्रवाद और राष्ट्रद्रोह का मामला गर्माया हुआ है. राष्ट्रवाद इस बार के लोकसभा चुनाव का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. बीजेपी इसको लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर हमलावर है. पीएम मोदी अपने चुनावी कैंपेन में राष्ट्रवाद के मुद्दे पर विरोधियों को घेरते रहते हैं. बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद से जिस तरह से विपक्ष आतंकियों के मारे जाने का सबूत मांग रहा है, उसके बाद से बीजेपी को हमलावर होने का बहाना मिल गया है.

मालूम हो कि नितिन गडकरी एक बार फिर महाराष्ट्र की नागपुर लोकसभा सीट से किस्मत आजमा रहे हैं. इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव भी गडकरी ने इसी सीट से लड़ा था और जीत हासिल की थी. उन्होंने चार बार के सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विलास मुत्तेमवार को चुनाव हराया था. इस बार गडकरी का मुकाबला कांग्रेस के नाना पटोले से है. वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन की ओर से अब्दुल करीम भी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं.

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