मेघालय के बाद असम से भी अफस्पा हटाने की तैयारी

दिल्ली ब्यूरो: जिस तरह की ख़बरें मिल रही है उसके मुताबिक केंद्र सरकार जल्द ही असम से भी अफस्पा यानी सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून हटाने की तैयारी कर रही है। जानकारी के मुताबिक केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में उच्च स्तर पर असम से पूरी तरह अफस्पा हटाए जाने पर गंभीरता से विचार-विमर्श चल रहा है। इसको लेकर कई बैठकें भी हुयी है और आगे भी बैठके की जानी है। बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने मेघालय से अफस्पा हटाने का फैसला लिया है।

खबर के अनुसार विचार-विमर्श की प्रक्रिया में केंद्र के साथ राज्य सरकार भी शामिल है। बताया जाता है कि दोनों ही सरकारें इस पर क़रीब-क़रीब सहमत हैं कि असम में सुरक्षा की स्थिति में अब काफ़ी सुधार आया है। हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं. इसलिए यहां अब अफस्पा जैसे कानून की ज़्यादा ज़रूरत नहीं रही। लिहाज़ा इस साल अगस्त में जब अफस्पा के मौज़ूदा विस्तार की समय-सीमा पूरी होगी तो बहुत संभव है कि इसे फिर और न बढ़ाया जाए। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि असम में अफस्पा चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा या फिर एक ही बार में पूरे राज्य से इसे हटा लिया जाएगा।

सूत्रों की मानें तो असम के गुवाहाटी, नागांव, मोरीगांव और गोलाघाट जैसे जिलों में सुरक्षा इंतज़ाम अब राज्य पुलिस ही देख रही है। इन जिलों में उग्रवादी हिंसा की स्थिति काफ़ी हद तक सामान्य कही जा सकती है। हालांकि इनके अलावा अन्य इलाकों में उल्फा (यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम) और एनडीएफबी-एस (नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड-सोंगबिजित) जैसे उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं। इन इलाकों में अभी हालात सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है। इसलिए यहां से सशस्त्र बलों को पूरी तरह हटाने से पहले और विस्तृत विचार-विमर्श किए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

ग़ौरतलब है कि अभी इसी साल मार्च में मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला किया था। इसके तहत मेघालय से अफस्पा पूरी तरह हटा लिया गया था। जबकि अरुणाचल प्रदेश के आठ जिलों से इस कानून को हटाया गया था।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... -------------------------
----------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper