मेहदी मिराज को कप्तान पद से हटाने को लेकर विवाद गर्माया

ढाका: बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) में कप्तानी को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. मेहदी हसन मिराज को शनिवार को सिलहट सनराइजर्स के खिलाफ मैच से कुछ घंटे पहले कप्तान के पद से हटा दिया गया था. इसके बाद 24 वर्षीय ऑलराउंडर ने शनिवार को टीम के बाकी सदस्यों के साथ प्रशिक्षण सत्र में भी हिस्सा नहीं लिया था.

फ्रेंचाइजी के अधिकारियों के साथ अनबन के बाद मिराज ने रविवार दोपहर चट्टोग्राम चैलेंजर्स टीम होटल से बाहर जाने का मन बना लिया. चट्टोग्राम से ढाका जाने वाली शाम 5:30 बजे फ्लाइट में मिराज की सीट भी बुक थी, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निजामुद्दीन चौधरी ने उन्हें ढाका नहीं जाने के लिए मनाया.

कथित तौर पर मिराज ने चट्टोग्राम फ्रेंचाइजी और बीसीबी के मुख्य कार्यकारी को सूचित किया कि वह ढाका में अपनी बीमार मां के साथ रहने के लिए टीम छोड़ना चाहते हैं. मिराज की पत्नी और बच्चा पहले से ही उस कार में थे जो, उन्हें हवाई अड्डे तक ले जाने वाली थी.निजामुद्दीन चौधरी के मनाने के बाद होटल लौटने पर मेहदी हसन मिराज ने झूठ फैलाने के लिए फ्रेंचाइजी के सीईओ यासिर आलम पर गुस्सा निकाला. जब मिराज को कप्तान के पद से हटाया गया तो आलम ने कहा कि वे मुख्य कोच पॉल निक्सन की सलाह पर काम कर रहे थे. लेकिन मिराज का दावा है कि उन्होंने ऐसा नहीं करने को कहा था.

तीन घंटे पहले मेरी कप्तानी छीनी गई

मिराज ने कहा, ‘वास्तव में मेरे पास अब खेलने की और मानसिकता नहीं बची है. पिछले दिन क्या हुआ, यह वास्तव में नहीं जुड़ता है. हमारे मैच से तीन घंटे पहले उन्होंने मुझे सूचित किया कि मैं अब कप्तान नहीं हूं. मैंने उनसे कहा कि वे मुझे पहले सूचित कर सकते थे. यह एक खिलाड़ी के लिए बहुत अपमानजनक है.मिराज ने कहा, ‘उन्होंने जो बयान दिया है कि कोच ने मुझे कप्तान के रूप में बर्खास्त करने का सुझाव दिया, पूरी तरह से गलत है. आप कोच से पूछ सकते हैं. मैंने उनसे आधे घंटे तक बात की. यासिर का बयान पूरी तरह से गलत है. यासिर सबसे बड़ा गुनाहगार हैं. मुझे यकीन है कि वह टीम के ऑनर को बताते हैं कि क्या करना है. टीम ऑनर एक अच्छे इंसान हैं. वह टीम के मामलों में नहीं शामिल होते हैं.

मिराज ने उन अफवाहों के बारे में भी बात की कि उनके बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आने की इच्छा ने टीम में दरार पैदा किया. उन्होंने कहा, ‘मैंने बीपीएल में पिछले दो साल से पारी की शुरुआत की है. मैंने सलामी बल्लेबाज के तौर पर अच्छा खेला. मैंने सिर्फ अपनी राय दी. मैंने कुछ भी जबरदस्ती नहीं किया. अगर मैंने मजबूर किया होता, तो मैं पारी की शुरुआत करता.’ मिराज टीम के मुख्य कार्यकारी के प्रति अपनी नाराजगी को लेकर काफी मुखर थे. मिराज ने कहा, ‘मैं नहीं खेलूंगा अगर वह आसपास हैं. अगर यासिर भाई फ्रेंचाइजी में नहीं हैं, तो मैं खेलूँगा. नहीं तो मैं नहीं खेलूँगा. यह पूरी तरह स्पष्ट है.’

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