मॉल, रेस्त्रां, मंडियों में सभी प्रकार के प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए: मुख्य सचिव

लखनऊ। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने कहा है कि मॉल, रेस्त्रां, मंडियों आदि के मालिक और प्रबंधकों के साथ ज़िला प्रशासन और सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बैठक कर मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग सहित सभी प्रकार के प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करवाएं। मुख्य सचिव ने यह भी आदेश दिया कि नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर जो भीड़ लग रही है, उसको व्यवस्थित किया जाए और वाहन पास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को निर्देशित किया कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध ट्रू नेट मशीनों को क्रियाशील करते हुए जांच करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाए।

उक्त जानकारी सोमवार को यहां लोकभवन में कोरोना वायरस के संबंध में किए गए प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने पत्रकारों को दी। अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि टीम-11 की बैठक आज मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि कोविड-19 को लेकर जो भी कार्य मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश भर में हो रहे हैं, उसकी ना केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी सराहना हो रही है। मुख्य सचिव द्वारा कोविड-19 में बिना लक्षण वाले मरीजों के बचाव के लिए मास्क के प्रयोग और सोशल डिंटेंसिंग का पालन करने पर भी विशेष बल दिया गया।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया था कि पूरे प्रदेश में ईंट भट्टा मालिकों से समन्वय स्थापित करके, भट्टे पर जो भी श्रमिक बचे हैं, उनको तुरंत अपने घर भेजा जाए। इसी क्रम में बैठक करके सभी जिला अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जनपद में भट्टा मालिकों से संपर्क करते हुए इस ये सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रमिक का मानदेय बकाया ना हो और इसके बाद उन्हें स्पेशल श्रमिक ट्रेनों के माध्यम से सकुशल उनके प्रदेश भेज दिया जाए। उन्होंने बताया कि हमारे यहां पूर्व में जमात से जुड़े लोगों के ऊपर कार्रवाई की गई थी। अब लगभग सभी को छोड़ दिया गया है। इसके अतिरिक्त जिनके विरुद्ध मुकदमें दर्ज थे, वो कोर्ट के निर्देश पर ही छूटेंगे।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने जानकारी देते हुए बताया कि रिकॉर्ड स्तर पर क्रय करते हुए अब 357.06 लाख क्विंटल गेहूं क्रय कर लिया गया है और भुगतान भी आरटीजीएस के माध्यम से किसानों को सीधा उनके खाते में किया जा रहा है। उद्योग के माध्यम से वेतन का भुगतान सरकार की प्राथमिकता में है। इस कार्य को और आगे बढ़ाते हुए 1830 करोड़ की धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। कुल मिलाकर 33 लाख 55 हज़ार श्रमिकों को 335.53 करोड़ की धनराशि बांट दी गई है। उन्होंने बताया कि आज की तारीख तक 1633 से अधिक ट्रेनों में 22 लाख 14 हजार से अधिक लोग उत्तर प्रदेश पहुंच चुके हैं।

निगरानी समितियों के प्रयास और प्रशासन द्वारा की जा रही अपील का हो रहा असर : अमित मोहन प्रसाद

पत्रकारवार्ता में मौजूद प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि निगरानी समितियों के कार्य को आंकने के लिए हमने 18 ऐसे जिलों के 4-4 गांव का चयन किया जहां, अधिक संख्या में कामगार और श्रमिक आए हैं। हमने ऐसी जगहों से गांव के लोगों के 25-25 सैंपल लिए। कुल 72 गांव से सैंपल लेकर उनकी जांच करवाई। हम ये भी देखना चाहते थे कि बाहर से आए श्रमिकों और कामगारों ने होम क्वॉरंटाइन का पालन कितनी गंभीरता के साथ किया है और हमें बताते हुए खुशी हो रही है कि सभी सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। यानि निगरानी समितियों के प्रयास और प्रशासन द्वारा की जा रही अपील सार्थक सिद्ध हो रही है।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में कोरोना के कुल 4320 एक्टिव केस हैं, जबकि 412 नए मामले सामने आए हैं। 6344 लोग पूर्णतः उपचारित होकर अपने घर जा चुके हैं और अब तक इस संक्रमण से 283 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। रविवार को प्रदेश में 13236 सैंपल की जांच की गई, जो अबतक का उच्चतम स्तर था। हम इसको 15 हज़ार के स्तर तक ले जाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को 5-5 सैंपल के 1113 पूल लगाए गए, जिसमें 113 सैंपल पॉज़िटिव पाए गए। 10-10 सैंपल के 183 पूल लगाए गए, जिसमें से 21 सैंपल का परिणाम पॉज़िटिव रहा।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अबतक 13 लाख 89 हज़ार 136 कामगारों को ट्रैक किया गया है, उनके घर जाकर उनका हालचाल पूछा गया है। इन में से 1299 लोगों में लक्षण मिले हैं, जिनका सैंपल लेकर आगे की कार्यवाही की जा रही है। आरोग्य सेतु एप का उपयोग करते हुए अब तक 67 हज़ार 288 लोगों को कॉल करके उनका हालचाल लिया गया। इनमें से 151 लोगों ने बताया कि वो संक्रमित हैं और विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज जारी है। 76 लोगों ने बताया कि उन्हें संक्रमण हुआ था, लेकिन अब वो ठीक हैं और 3245 लोगों ने बताया कि वह इस समय क्वॉरंटाइन में हैं। सर्वेलेंस का कार्य करते हुए अबतक 4 करोड़ 30 लाख 90 हज़ार 178 लोगों का सर्वेलेंस किया जा चुका है।

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