मोदी का संकेत, लोकलुभावन नहीं होगा अगला बजट

नईं दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संकेत दिया कि आगामी आम बजट कोईं लोकलुभावन बजट नहीं होगा और सरकार सुधारों के अपने एजेंडे पर ही चलेगी, जिसके चलते भारतीय अर्थव्यवस्था ‘पांच प्रमुख’ कमजोर अर्थव्यवस्थाओं की जमात से निकलकर दुनिया का ‘आकर्षक गंतव्य’ बन गया है।

एक न्यूज़ चैनल से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यह मात्र एक धारणा है कि लोग मुफ्त की चीजें और छूट चाहते हैं। यह पूछे जाने पर कि पहली फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट में क्या वह लोकलुभावन घोषणा करने से बचेंगे।

इस पर उन्होंने कहा, तय यह करना है कि देश को आगे बढ़ने और मजबूत होने की जररत है या इसे इस राजनैतिक संस्कृति-कांग्रेस की संस्कृति का अनुसरण करना है। मोदी ने कहा कि आम जनता ईंमानदार सरकार चाहती है।आम आदमी छूट या मुफ्त की चीज नहीं चाहता है.. यह मुफ्त की चीज की चाहत आपकी कोरी कल्पना है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के फैसले जनता की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हैं।

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उधर, न्यापालिका संकट पर अपनी प्रथम टिप्पणी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि सरकार और राजनीतिक पार्टियों को अवश्य ही इससे दूर रहना चाहिए। साथ ही, उन्होंने भरोसा जताया कि न्यायपालिका अपनी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए एक साथ बैठेगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय न्यायपालिका का एक उज्ज्वल अतीत रहा है और यह बहुत सक्षम लोगों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा, हमारे देटा की न्यायपालिका का एक बहुत ही उज्ज्वल अतीत रहा है, वे बहुत ही सक्षम लोग हैं।

वे एक साथ बैठेंगे और अपनी समस्याओं का समाधान निकालेंगे। हमारी न्यायिक प्रणाली में मेरी आस्था है, वे निश्चित तौर पर एक समाधान निकालेंगे।

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