मोदी -पुतिन के बीच की शिखर वार्ता पर दुनिया की नजर

दिल्ली ब्यूरो: रुसी राष्ट्रपति ब्लादिर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दिल्ली में होने वाले शिखर वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुयी है। और खासकर अमेरिका इस वार्ता के तमाम पहलुओं पर नजर गराये हुए हैं। माना जा रहा है कि भारत और रूस के बीच महत्वपूर्ण एस 400 एयर डिफेंस प्रणाली पर समझौता हो सकता है। इस प्रणाली को हासिल करने पर भारत की रक्षा व्यवस्था काफी मजबूत हो जाएगी। इस प्रणाली के बाद चीन और पाकिस्तान दोनों देशों का जवाब भारत दे सकता है। बता दें कि एस 400 अमेरिका के सबसे आधुनिक फाइटल हेलिकॉप्टर ऍफ़ 35 को भी गिराने की क्षमता रखता है। इसे चीन ने भी रूस से खरीदा है।

बता दें कि एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली है। इसे दुनिया का सबसे बेहतरीन मिसाइल प्रणाली माना जाता है। इसे रूस ने 1990 में विकसित किया था। 2007 से ही सेवा में है। इस प्रणाली को चीन ने रूस से खरीदा है। तुर्की ने भी रूस से ही इसे खरीदा। अभी सीरिया में रूस ने इसकी तैनाती की है। यह लगभग 400 किमी के दायरे में किसी भी विमान, मिसाइल और ड्रोन को नष्ट कर सकता है। यह अमेरिका के शक्तिशाली फाइटर जेट एफ 35 को भी गिरा सकता है।

अमेरिका के पास थाड एंटी मिसाइल सिस्टम है। इसके जरिए एक साथ तीन मिसाइल छोड़ी जा सकती है। एक चरण में कुल 72 मिसाइलें शामिल रहती हैं। एक साथ कई लक्ष्यों पर वार कर सकता है। दुश्मन जब अपने हवाई क्षेत्र में उड़ रहे होंगे तब भी उन्हें ट्रैक किया जा सकेगा।

उधर रूस के विदेश मंत्री भी कह चुके हैं कि भारत की रक्षा प्रणाली के लिए क्या बेहतर है, यह भारत ही निर्णय ले सकता है। हम दोनों देश लंबे समय से एस 400 को लेकर बातचीत कर रहे हैं। अब भारत पर निर्भर करता है कि वह कैसे आगे बढ़ता है। ऐसे संकेत हैं कि भारत अमेरिकी प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए सौदे को लेकर आगे बढ़ेगा। रूस भारत को हथियार और गोला बारूद देने वाला प्रमुख आपूर्तिकर्ता रहा है। सूत्रों ने कहा कि मोदी और पुतिन ईरान से कच्चे तेल के आयात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के असर को लेकर भी चर्चा करेंगे।

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