मोदी सरकार की जनधन योजना फेल, यूपी में 9 लाख से ज्यादा खाता बंद

अखिलेश अखिल

लखनऊ ट्रिब्यून दिल्ली ब्यूरो: खबर मिल रही है कि पीएम मोदी की बहु प्रचारित जनधन योजना नाकाम होकर मौत की तरफ बढ़ रही है। बता दें अब तक मोदी सरकार जनधन योजना को अपनी बड़ी कामताबी मान रही थी लेकिन शुक्रवार को वित्त मंत्री जेटली ने संसद में जो कहा वह मूर्छित करने वाला था। सरकार अब खुद ही इन जनधन खातों को लगातार बंद करती जा रही है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद को बताया है कि 20 दिसंबर 2017 तक जनधन वाले 49 लाख 50 हजार खाते बंद कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि 50 प्रतिशत खाते सिर्फ उत्तर प्रदेश में बंद किए गए हैं। इसके बाद खाते बंद करने के मामले में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और गुजरात का नंबर आता है। याद रहे ये सारे बीजेपी शासित राज्य हैं। सरकार ने बताया कि देश भर में करीब 31 करोड़ जनधन खाते हैं, जिनमें से 24.64 करोड़ खाते ही ऑपरेशनल हैं। इन खातों में खाताधारक ने 24 महीनों में लेनदेन किया है।

जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 9 लाख 62 हजार खाते बंद किए जा चुके हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश आता है, जहां 4 लाख 44 हजार खाते बंद किए जा चुके हैं। गुजरात में 4 लाख 19 हजार, तमिलनाडु में 3 लाख 55 हजार, राजस्थान में 3 लाख 11 हजार, महाराष्ट्र में 3 लाख, बिहार में 2 लाख 90 हजार, पंजाब में 2 लाख 28 हजार, वेस्ट बंगाल में 2 लाख 23 हजार और दिल्ली में 1 लाख 65 हजार खाते बंद किए जा चुके हैं।

गौरतलब है कि ये जनधन योजना मोदी सरकार की चर्चित योजनाओं में से एकरहे है। सरकार ने इसको लेकर कई दावें किये थे। कहा गया था कि इन खातों से ग्रामीण जनता की पहुँच बैंकों तक बढ़ेगी और खाताधारकों को भविष्य में इसका लाभ मिलेगा। सरकार की इस घोषणा के बाद लगभग पूरा देश बैंक जाने में जुट गया था।

घर के हरेक सदस्य ने अपना खाता खोल लिया था यह समझकर कि देर सवेर खाते में कहीं 15 लाख रुपये न टपक पड़े। यह बात और है कि इन खातों के जरिये कुछ लोगों ने नोटबंदी के दौरान खूब माल कमाए। कुछ पकडे भी गए। सरकार अब जब खुद इन खातों को बंद कर रही है तो जनता के सवालों का जबाब भी खुद सरकार ही देगी।

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