मोदी सरकार की लोकप्रियता धड़ाम ,40 फीसदी जनता नाखुश

अखिलेश अखिल

ठगिनी राजनीति कब किसके किला को ध्वस्त कर दे कौन जाने ! राजनीति तो अवसरों का खेल मात्र है। अवसर में चूक हुयी तो गेम ख़त्म। देश की यही जनता सबको अवसर भी देती है और अवसर छीन भी लेती है। यह अवसर ही है जिसके फिराक में लोग वर्षों से वक्त का इन्तजार करते रहते हैं। राजनीति के कितने बड़े महारथी आये और चले गए। यहां कोई ना स्थाई व्यवस्था है ना ही स्थाई नेता। देश का मिजाज बदलते ही राजनीति की धारा बदल जाती है और महावीर कहलाने वाले नेता भी अँधेरी सुरंग के हिस्सा बन जाते हैं। इसलिए राजनीति में कब क्या हो जाए किसी को पता नहीं।

इधर एक सर्वे ने राजनीति को फड़फड़ा दिया है। सर्वे बता रहा है कि मोदी सरकार की लोकप्रियता पहले से कम हो गयी है। पहले जहा 27 फीसदी लोग मोदी सरकार को थे ,अब 40 फीसदी लोग मोदी सरकार के विरोध में खड़े हो गए हैं। कह सकते हैं कि यह खतरनाक हालत है। एबीपी न्यूज और सीएसडीएस-लोकनीति के हालिया ओपिनियन पोल सर्वे बता रहा है कि मोदी सरकार के कामकाज से खुश रहने वालों की संख्या में कमी आई है। सर्वे के मुताबिक मोदी सरकार के कामकाज से अंसतुष्टों का आंकड़ा 10 महीने में बढ़कर 40 फीसदी तक पहुंच गया है। इससे पहले मई 2017 में हुए सर्वे में अंतुष्टों का आंकड़ा 27 फीसदी था। माना जा रहा है कि इस सर्वे में 19 राज्यों के 175 लोक सभा सीटों के आंकड़े इकट्ठे किए हैं। यह सर्वे 7 से 20 जनवरी के बीच किया गया है।

सर्वे के मुताबिक दक्षिण भारत (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, और केरल) में एनडीए की स्थिति कमजोर जबकि यूपीए को फायदा हो सकता है। वहां की कुल 132 सीटों पर एनडीए को 34 , यूपीए को 63 और अन्य को 35 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। 2017 के सर्वे के मुताबिक एनडीए को 39, यूपीए को 52 और अन्य को 41 सीटें मिल रही थीं। यानी दक्षिण भारत में एनडीए की लोकप्रियता में कमी आई है। उसे पांच सीटों का नुकसान उठाना पड़ रहा है जबकि कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए को 11 सीटें ज्यादा मिलती दिख रही हैं।

अन्य को भी 6 सीटों का नुकसान होता दिखाया गया है। जाहिर है कर्णाटक चुनाव में बीजेपी को भारी म्हणत करने की जरूरत है। सर्वे का मानना है कि बिहार, बंगाल, झारखंड, ओडिशा और असम में अगर आज चुनाव हुए तो कुल 142 लोकसभा सीटों में से बीजेपी और उनके सहयोगी दलों को 72, कांग्रेस और सहयोगी दलों (यूपीए) को18 और अन्य को 52 सीटें मिल सकती हैं। यह बात और है कि पूर्वी भारत में कांग्रेस की हालत अभी भी कमजोर बनी हुयी है लेकिन उसकी सीटें बढ़ती दिख रही है। हालांकि बिहार में भी बीजेपी को काफी कम सीटें मिलने की संभावना बनी हुयी है लेकिन नीतीश कुमार के एनडीए में आ जाने से बीजेपी की सीटों पर कम असर पड़ता दिख रहा है।

हालांकि चुनावी सर्वे की राजनीति भी अलग तरीके की होती है लेकिन इतना तो साफ़ है कि बीजेपी को लेकर अब पहले वाली बात नहीं रही है। लोगों में अब बीजेपी को लेकर कई तरह की धारणाएं बनती दिख रही है। अगर अपने प्रति बनती धारणा के प्रति बीजेपी सचेत नहीं हुयी तो कहानी कुछ भी हो सकती है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper