युवक के पेट से निकले 263 सिक्के, लोहे की कील, ब्लेड और कुत्ता बांधने वाली चेन

इंदौर: मध्य प्रदेश में एक ऐसा मामला सुनने में आया है जिसे सुनकर आप हैरान रह जायेंगे। मध्य प्रदेश में डॉक्टर्स की एक टीम ने ऑपरेशन के दौरान एक युवक के पेट चौंकाने वाली चीजें निकाली। दरअसल पेट दर्द की शिकायत के बाद यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में एक युवक का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन करीब साढ़े तीन घंटे तक चला। रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर्स ने बताया कि युवक के पेट से सुईंया, टूटी हुई चैन, सिक्के निकाले गए हैं।

बताया जा रहा है कि मकसूद, मध्य प्रदेश में सतना जिले के सोहावल का रहने वाला है। मकसूद पिछले तीन महीने से पेट दर्द की शिकायत कर रहा था। बीते 18 नवंबर को उसने अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाया। 24 नवंबर को पेट की सर्जरी की गई।

युवक की सर्जरी करने वाले डॉक्टर ने डेक्कन क्रोनिकल को बताया हमने युवक के पेट से 263 भारतीय मुद्रा के सिक्के, इसमें दो, पांच और दस रुपए के सिक्के शामिल हैं। सभी सिक्कों की कुल कीमत 790 रुपए हैं।’ गौरतलब है कि डॉक्टर्स का मानना है कि युवक मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर हैं। जब उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया तब उसकी हालत बहुत नाजुक थी। हालांकि ऑपरेशन के बाद उसके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

बताया जा रहा है कि मकसूद पिछले 6 महीने से सतना जिले में ही इलाज करा रहा था। वहां डॉक्टर, टीबी बता कर इलाज कर रहे थे। जब मकसूद की हालात में कोई सुधार नहीं आया, तो उसे संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल रेफर किया गया। मकसूद के घर वालों के मुताबिक, वो मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर था। उसे लोहा निगलने की लत थी। वो बचपन से ही लोहे की कई चीजें खाता था। हालांकि अब उसकी हालत ठीक बताई जा रही है।

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था जब डॉक्टर्स ने एक शख्स के पेट से 639 कीलें निकाली थीं। कीलों का वजन एक किलोग्राम से भी अधिक था। ये ऑपरेशन कलकत्ता मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने किया था। यहां भी 48 साल के एक व्यक्ति को पेट दर्द की शिकायत के बाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ये कीलें शख्स ने समय के साथ धीरे-धीरे निगल ली थीं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper