यूक्रेन ने किया रूस के एक वरिष्ठ अधिकारी को मारने का दावा

नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच यद्ध का आज 13वां दिन है। बेलारूस की सीमा पर रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत जारी है। हालांकि अब तक दोनों देशों में कोई हल निकलता नहीं दिखायी दे रहा है। सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन और रूस दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की थी। रूस के राष्ट्रपति पुतिन में पीएम मोदी ने कहा था कि वह यूक्रेन के राष्ट्रपति से सीधे बात करें। रूस पर कई देशों और बड़ी कंपनियों ने प्रतिबंध लगा दिए हैं। वहीं यूक्रेन से युद्ध समाप्त करने को लेकर रूस अपनी शर्तें रख रहा है। अब तक की बात बेनतीजा रही है। यूक्रेन के कुछ शहरों में सीजफायर करके लोगों को निकलने के लिए कॉरिडोर खोला गया है। वहीं कई शहरों में जोरदार बमबारी जारी है।

यूक्रेन का दावा, रूस का वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारा गया
यूक्रेन ने दावा किया है कि खारकीव में रूस के एक जनरल को मार दिया गया है। यह बात यूक्रेन की इंटेलिजेंस एजेंसी ने कही है। जनरल की पहचान मेजर जनरल विताली गेरासिमोव के तौर पर हुई है। वह 2014 में क्रीमिया में हुए युद्ध मे भी शामलि थे। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में उठाया भारतीय छात्रों को निकालने का मुद्दा
यूक्रेन के सुमी में फंसे भारतीय छात्रों को बाहर निकालने का मुद्दा भारत ने सुयंक्त राष्ट्र में उठाया है। यूएन में भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि यूक्रेन और रूस दोनों को ही इस बात पर राजी किया गया कि वे सूमी में सीजफायर करेंगे लेकिन उन्होंने यह बात नहीं मानी। ऐसे में बहुत सारे भारतीय लोग सूमी में फंसे हुए हैं।

यूक्रेन को फाइटर जेट देने के लिए यूएस ने नाटो को दी मंजूरी
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत का सिलसिला जारी है। दोनों देशों के बीच तीन चरणों की बातचीत हो चुकी है हालांकि अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। वहीं रूस ने धमकी दी थी कि अगर कोई अन्य देश यूक्रेन की मदद करता है तो उसे भी युद्ध में शामिल माना जाएगा। अमेरिका ने रूस पर कई प्रतिबंध तो लगाए ही हैं और अब NATO देशों को यूक्रेन को फाइटेर जेट देने की भी मंजूरी दे दी है। हालांकि अभी किसी देश ने यूक्रेन को लड़ाकू विमान देने का कोई मजबूत प्लान नहीं बताया है।

रूस ने यूक्रेन के सामने रखीं चार शर्तें
रूस ने युद्ध बंद करने के लिए यूक्रेन के सामने चार शर्तें रखी हैं। पहली शर्त यह है कि यूक्रेन सामने से सैन्य कार्रवाई बंद करे। दूसरी शर्त है कि यूक्रेन नाटो और ईयू जैसे संगठन में न शामिल हो और इसके लिए संविधान में बदलाव हो। तीसरी शर्त है कि यूक्रेन क्रीमिया को रूसी हिस्से के रूप में मान्यता दे। इसके अलावा डोनेत्स्क और लाहांस्क को स्वतंत्र माने।

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