यूक्रेन में भारतीय छात्रों को मानव ढाल बनाने की बात US ने की खारिज, बताई वजह

वॉशिंगटन: यूक्रेन में रूस का हमला लगातार तेज होता जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक खेरासन शहर पर रूस ने कब्जा जमा लिया है। इसके अलावा खारकीव और कीव में भी तेज हमले हो रहे हैं। इसी बीच रूस ने दावा किया था कि यूक्रेन भारतीय छात्रों को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि इस पर अमेरिका का कहना है कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है। इस बारे में कोई प्रामाणिक रिपोर्ट नहीं है कि यूक्रेन भारतीय छात्रों का इस्तेमाल खुद को बचाने के लिए कर रहा हो।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा ‘हमारे पास ऐसी किसी घटना की वेरिफाइड रिपोर्ट नहीं है। आम नागरिकों को मानव ढाल बनाने का काम तो रूस में होता रहा है।’ इससे पहले भारत में रूसी दूतावास ने दावा किया था कि यूक्रेन ने ढाल बनाने के लिए भारत के कुछ छात्रों को अगवा कर लिया है।

एक ट्वीट में रूस ने कहा था, ‘हालिया जानकारी के मुताबिक यूक्रेन की सेना ने भारत के छात्रों को बंधक बना लिया है और वे उन्हें मानव ढाल बना रहे हैं। ऐसे में कीव प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि भारतीयों के साथ कुछ गलत न हो।’ हालांकि यूक्रेन ने रूस के इस आरोप को खारिज किया था और कहा था कि रूस खुद यह काम कर रहा है। उसने भारत, पाकिस्तान और चीन के लोगों को बंधक बनाया है।

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके कहा, हमने रशियन फेडरेशन से बात करके कहा है कि खारकीव और सुमी में जिन लोगों को बंधक बनाया गया है, उन्हें तत्काल छोड़ दें। उनके यहां से निकलने का प्रबंध किया जाएगा। यूक्रेन ने रूस से कहा है कि आम नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए ह्यूमैनिटेरियन कॉरिडोर खोल दिया जाए। इससे पहले यूक्रेन ने एक हॉटलाइन जारी करके विदेशी छात्रों को निकलने के लिए कहा था।

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