यूपीकोका जनता के लिए भी अभिशाप साबित होगा : अखिलेश

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार जबसे बनी है, विपक्ष के प्रति उसका व्यवहार सौतेलेपन का रहा है। उन्होंने कहा कि यूपीकोका विधेयक जनता के लिए भी अभिशाप साबित होगा।

अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा, “संविधान की शपथ तो रागद्वेष से परे रहकर कर्तव्य के निर्वहन की ली गई है, लेकिन सरकार में बैठे लोग बदले की भावना से ही निर्णय लेना अपना अधिकार समझते हैं। अब अपनी मनमर्जी और तानाशाही चलाने तथा विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए राज्य सरकार यूपीकोका बिल ला रही है। भाजपा का यह आचरण अलोकतांत्रिक है।”

अखिलेश ने कहा, “यूपीकोका बिल कहने को तो अपराध नियंत्रण के लिए लाया जा रहा है, पर इसके पीछे भाजपा सरकार का उद्देश्य वास्तव में राजनीतिक स्वार्थ साधना है। 2019 के संसदीय चुनाव सिर पर हैं। गुजरात में भाजपा को विपक्ष ने नाकों चने चबवा दिए हैं। अब भाजपा को उप्र में भी अंगूर खट्टे लगने लगे हैं।”

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उन्होंने कहा कि सरकार जनता को परेशान करने के लिए ही यूपीकोका थोपने पर आमादा है। यूपीकोका की पृष्ठभूमि में आरएसएस की फासिस्ट मानसिकता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री के कोरे दावों से प्रदेश की कानून व्यवस्था के हालात सुधरने वाले नहीं हैं, यूपीकोका तो बहाना है। पहले से जो कानून बने हैं, उनका इस्तेमाल करके भी अपराध रोकना चाहिए।

भाजपा के गमछाधारी ही सबसे ज्यादा कानून तोड़ रहे हैं। गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को डराया जा रहा है। इस तरह की अवांछित गतिविधियां भाजपा राज में बढ़ गई हैं।”

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