यूपी की छवि बदली, मुख्यमंत्री ने मुरादाबाद से की मिशन 2022 की शुरुआत: सीएम याेगी

मुरादाबाद: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद से मिशन 2022 की अनौपचारिक शुरूआत कर दी। मुरादाबाद मंडल के विधायक, एमएलसी और संगठन अध्यक्षों से कहा कि 2022 की तैयारी में अभी से जुटें। उन्होंने कहा कि सरकार के साढ़े तीन साल में यूपी की छवि बदल गई है। सरकार ने बहुत काम किया है। जरूरत है इसे जनता तक पहुंचाने की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने हर जिले और विधानसभा क्षेत्र की जरूरतों पर संवाद भी किया। इसके साथ ही उन्होंने गोरखपुर में चल रहे पूर्वांचल सतत विकास कार्यक्रम का समापन वीडियो कांफ्रेंसिंग से किया।

मुख्यमंत्री शनिवार को तयशुदा कार्यक्रम से करीब आधा घंटे लेट सर्किट हाउस में 2.27 बजे पहंचे। यहां उन्होंने मुरादाबाद समेत अमरोहा, बिजनौर, रामपुर और संभल के जिलाध्यक्ष और विधायकों के साथ विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरादाबाद में हम पिछले लोकसभा चुनाव में सभी सीटें हारे हैं, इसलिए मैं यहां सबसे पहले आया हूं। अभी से 2022 की तैयारी में जुटेंगे तो जरूर सफलता मिलेगी। सरकार ने बहुत काम किए हैं जरूरत है इन कार्यों को जनता के बीच ले जाना। सरकार के प्रयासों से साढ़े तीन सालों में यूपी की छवि में सराकात्मक बदलाव आया है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास, शासन-प्रशासन के बारे में देश-दुनिया अब कोई सवाल नहीं खड़ा कर सकती। प्रदेश में कानून-व्यवस्था कभी इतनी बेहतर नहीं रही। साढ़े तीन साल में वह हो गया जो अब तक नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने मुरादाबाद समेत मंडल के सभी जिलों के जनप्रतिनिधियों से बातचीत में उनसे क्षेत्रवार सुझाव भी मांगे।

इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह और क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल समेत स्थानीय नेताओं ने उनका स्वागत किया। प्रदेश सह संगठ मंत्री कर्मवीर, क्षेत्रीय महामंत्री हरिओम शर्मा, पंचायतराज मंत्री भूपेंद्र सिंह, परिवहन मंत्री अशोक कटारिया, बल्देव औलख, गुलाब देवी समेत 12 विधायक, छह जिला अध्यक्ष बैठक में शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने मुरादाबाद से गोरखपुर में आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार व संगोष्ठी ‘पूर्वांचल का सतत विकास: मुद्दे, रणनीति एवं भावी दिशा’ का समापन किया। इसका शुभारम्भ मुख्यमंत्री ने 10 दिसम्बर को गोरखपुर में किया गया था। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश के कृषि विज्ञान केन्द्र, परिषदीय प्राथमिक विद्यालय जैसी संस्थाएं आश्रित हो गई थीं और अपने दायित्वों की उपेक्षा कर रही थीं। वर्तमान राज्य सरकार ने इन संस्थाओं, प्रशासनिक मशीनरी, जनप्रतिनिधियों को प्रेरित कर सक्रिय किया। ऑपरेशन कायाकल्प में प्राथमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाएं सुलभ करायी गयीं।

गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए कदम उठाए गए। तीन वर्षों में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या में 54 लाख की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धारणा विकास को प्रभावित करता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के सम्बन्ध में यह सोच है कि यह क्षेत्र गरीब और पिछड़ा है, जबकि प्रकृति और परमात्मा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक समृद्ध क्षेत्र बनाया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में हर क्षेत्र में नेतृत्व करने की क्षमता है।

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