यूपी के इन 6 हज़ार गावों की बदल जाएगी सूरत,इन गांवों को आदर्श गांव के रूप में किया जाएगा विकसित,यहां मिलेंगी हर तरह की सुविधाएं

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष और राज्य मंत्री लालजी प्रसाद निर्मल ने रविवार को कहा कि राज्य में अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों के वर्चस्व वाले 6,171 गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाएगा.

आदर्श ग्राम में चयनित गांव को मिलेगी 20 लाख रुपये की राशि

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लाकर दलितों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. दलितों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अनुसूचित जाति बहुल कम से कम 6,171 गांवों को आदर्श ग्राम बनाया जाएगा. सरकार द्वारा विकास कार्य कराए जाएंगे और प्रत्येक चयनित गांव को 20 लाख रुपये की राशि वितरित की जाएगी. शेष विकास कार्य विभिन्न विभागों के माध्यम से किए जाएंगे.

छह नए छात्रावासों का किया जाएगा निर्माण-

उन्होंने कहा कि दलितों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र और यूपी सरकार ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) शुरू की थी. यह अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों के लोगों के बीच दलित होने की वर्जना को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो वर्षों से तीखी टिप्पणियों का खामियाजा भुगत रहे हैं. निर्मल ने कहा कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अब उदय योजना के तहत राज्य में बाबू जगजीवन राम के नाम पर छह नए छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा और 261 समान

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