यूपी के ठगाधिराजों ने महिलाओं की नौकरी पुरुषों को दी ,अब बर्खास्त की बारी

अखिलेश अखिल

लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो: उत्तर प्रदेश के ठग,शातिर और गिरहकट और जातिवादी अधिकारियों ने तिकड़म भिड़ाकर बड़ी संख्या में महिलाओं के लिए आरक्षित नौकरियों पर पुरुषों की नियुक्ति कर दी है। अभी हाल में इस खेल का खुलासा होने के बाद नियुक्त पुरुष कर्मचारी और अधिकारी पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गयी है। यह मामला उत्तर प्रदेश अधीनस्त सेवा चयन आयोग से जुड़ा है।

खबरों के मुताविक वर्ष 2015 में अवर अभियंता व तकनीकी सामान्य चयन के 757 पदों के लिए नौकरियां निकली थीं। इनमें से 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे। यानी 151 पदों पर महिलाओं को नियुक्त किया जाना चाहिए था, मगर नियुक्त की गईं मात्र 72 महिलाएं। जबकि बचे हुए 79 पदों पर पुरुषों को तमाम नियम-कानूनों को दरकिनार कर नियुक्त कर दिया गया। गलत तरीके नयुक्त सभी कर्मचारी पिछले दो साल से मजा मार आरहे थे लेकिन अब जब सीबी पालीवाल अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं और पहली बैठक की है तब गलत तरीके से नियुक्त कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार लटक गयी है।

पालीवाल ने 31 जनवरी को आयोग के सदस्यों की पहली बैठक लेते हुए पुरानी भर्तियों के अलावा कई अन्य प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया है। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि नियुक्ति में हुई गड़बड़ियों के लिए जल्द ही एक कमेटी गठित की जाएगी, जो इसकी जांच करेगी। सीबी पालीवाल ने नियुक्तियों में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन देते हुए कहा कि फरवरी के आखिरी हफ्ते में भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा, जिसके लिए सिर्फ आॅनलाइन आवेदन लिए जाएंगे।

यूपी में गलत तरीके से नियुक्ति की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी हजारों पदों पर गलत तरीके से नियुक्तियां हुयी है। राज्य सतर्कता विभाग द्वारा 23,000 पदों पर हुयी भर्तियों की जांच पहले से की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि महिला उम्मीदवारों को उसके हक़ मिलेंगे।

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